वहीं, उड़ीसा से लौटने के बाद पुलिस से निपटने की बात भी बोल रहा है। इस पोस्ट के डालने के बाद इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट का सीयूजी नंबर और डीएम इलाहाबाद का सीयूजी नंबर लेफ्ट कर जाते हैं।
ग्रुप में यह डाली गई पोस्ट
सुनो भाइयों पुलिस वालों। अबके इसको ही पीट लो..ये (अपशब्द) हमेशा पुलिस के खिलाफ ही रहता है... अबके इसको ही मारो। -एसआइ विश्वंभर दयाल गंगवार।
वहीं जब
दरोगा विश्वंभर दयाल गंगवार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मैंने यह पोस्ट नहीं डाली है। थाने में मोबाइल ऐसे ही पड़ा रहता है। किसी ने डाल दी होगी।
इस मामले में
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि मैं इस प्रकरण पर अभी कुछ नहीं बोलूंगा। मेरठ लौटने के बाद ही बात करूंगा।
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