मेरठ। पुलिस प्रशासन की कड़ी चेतावनी के बाद भी शहर की सड़कों पर युवाओं ने दोपहिया वाहनों पर खूब स्टंट किया। गणतंत्र दिवस पर रविवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर स्टंट किए गए। बाइक चलाते समय युवाओं ने न तो हेलमेट लगा रखे थे और न ही गति पर कोई लिमिट थी।
हादसों को रोकने के लिए एकतरफ ट्रैफिक पुलिस छात्रों और युवाओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाती है। लेकिन युवा कानून हाथ में लेकर अपनी जिंदगी को दाव पर लगाने से भी बाज नहीं आते, जबकि प्रत्येक दिन औसतन तीन लोग जिले में सड़क दुघर्टनाओं में गंभीर रूप से घायल होते हैं। उसके बाद भी युवा जीवन को नहीं समझ रहे हैं। रविवार को वेस्ट एंड रोड पर युवाओं ने जमकर स्टंटबाजी की। बिजली बंबा बाईपास और जागृति विहार विस्तार योजना पर भी युवाओं ने स्टंट किया। सवाल यह है कि युवा घर से बाइक लेकर घर से निकलते हैं और परिवार के लोगों को भनक तक नहीं रहती। ऐसे में यदि हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। किसी की जान जाने के बाद परिवार को जिंदगी भर का दर्द मिलता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन भी स्टंट रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सका। अफसरों के दावे इस बार भी हवाई ही रहे। बच्चा पार्क पर दो साल पहले एक त्योहार के मौके पर पल भर में बाइक सवार चार युवकों की जान चली गई थी।