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अध्ययन में खुलासा : जान का खतरा कम कर रही है वैक्सीन, टीका लगवाएं, घातक नहीं हो पाएगा कोरोना

Fri, 23 Apr 2021 02:57 AM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • - कोरोना मरीजों पर की गई स्टडी तो यही कहती है
  • - 150 संक्रमितों में से सिर्फ पांच को पड़ी ऑक्सीजन की जरूरत 
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कोरोना टीका - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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वैक्सीन की डोज लगने के बाद भी कोरोना तो हो सकता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं हो पाएगा। मेरठ में टीका लगने के बाद संक्रमित हुए 150 मरीजों पर की गई स्वास्थ्य विभाग की स्टडी तो यही कहती है।

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इनमें से सिर्फ पांच लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी और महज एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। वह भी उनकी जो कोरोना के अलावा कई अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे। इनमें से 125 मरीज घर पर ही स्वस्थ हो गए। 25 मरीज हॉस्पिटल तक पहुंचे। वहीं इन मरीजों में से किसी ने भी संपर्क में आने वाले को संक्रमित नहीं किया।

इस बार का संक्रमण फेफड़े को बहुत जल्दी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके चलते फेफड़े में आक्सीजन नहीं जा पा रही है। ऐसे में उन्हें आक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। इस तरह के मरीज ज्यादा होने के कारण अस्पतालों में भी कहीं बेड नहीं मिल रहे और उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वैक्सीन उम्मीद की किरण है।

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दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन फेफड़े में संक्रमण को ज्यादा गंभीर नहीं होने देती। ये हमें संक्रमण से बचा रही है और कोरोना वायरस से लड़ने में हमारी मदद कर रही है। इसकी मदद से मरीज गंभीर रूप से बीमार नहीं हो पाते हैं। यह बचाव के लिए है। 

खतरनाक स्थिति में पहुंचने से बचा रही वैक्सीन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि शरीर में एंटीबॉडीज होंगे तो जान बच जाएगी। वायरस यदि नाक और मुंह से शरीर में जाता है तो उसे वैक्सीन नहीं रोक सकती, उसके लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत होती है। फिर भी इंफेक्शन हो जाता है तो वैक्सीन खतरनाक स्थिति में पहुंचने से बचा सकती है। अभी तक की स्टडी में तो यही बात सामने आई है। 
 
खतरा कम रही वैक्सीन
सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तलियान ने बताया कि वैक्सीन से जिंदगी बचाने में सफलता मिल रही है। ये इंफेक्शन होने के बाद का खतरा कम करती है। वैक्सीन की दो डोज लेने से कोरोना वायरस का प्रभाव सीमित हो जाता है और खतरे की आशंका कम होती है। वैक्सीन फेफड़े को सुरक्षा देती है, जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।
 
कोरोना टीकाकरण की स्थिति 
अब तक टीकाकरण- 307167 (बूस्टर डोज सहित)
हेल्थ केयर वर्कर-15614
फ्रंटलाइन वर्कर-11371

आमजन में 
60 साल से अधिक- 106325
45 साल से अधिक- 114025
बूस्टर डोज- 59832 (यानी दोनों डोज)
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