मेरठ कॉलेज में वर्कशाप में शामिल शिक्षक।
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मेरठ। मेरठ कॉलेज के डॉ. रामकुमार गुप्ता सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में हुए बदलावों पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रो. रचना कुमारी ने स्नातक द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष के मेजर विषयों, माइनर एवं वोकेशनल विषयों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने स्नातक एवं परास्नातक कोर्सेज में क्रेडिट सिस्टम एवं विषय संयोजन जैसे बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में प्रो. प्रगति रस्तोगी ने सत्र-2025 से शुरू स्नातक एवं परास्नातक के विषयों में महत्वपूर्ण परिवर्तनों को प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि अब छात्र-छात्राएं स्नातक प्रथम सेमेस्टर में दो मेजर विषयों का चयन करेंगे। माइनर विषयों का चयन प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर में उसी संकाय से कर सकेंगे, जिसमें पूर्व में विद्यार्थी ने विषय चयन किए थे।
प्रो. सीमा गोयल ने कहा कि किए गए परिवर्तनों के बारे में शिक्षकों को जानना आवश्यक है। माइनर एवं मेजर विषयों के सिलेबस का क्रेडिट समान होगा। अब छात्र को वोकेशनल विषय का चयन पहले से तृतीय सेमेस्टर तक करना है जबकि पूर्व में शुरू के चार सेमेस्टर में अलग-अलग वोकेशनल कोर्सों का चयन करना होता था। को-करिकुलर विषयों में भी अब क्रेडिट व्यवस्था लागू हो गई है। यह पूर्व में नहीं थी। अब छात्र को शुरू के चार सेमेस्टर में ही को-करिकुलर विषय का चयन करना है। यह पूर्व में छह सेमेस्टर में करना होता था। उन्होंने आगे शोध प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए कहा की प्रोजेक्ट को चतुर्थ सेमेस्टर के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश में पूरा करना होगा। कार्यशाला के अंत में डॉ. सीमा गोयल ने सभी का आभार जताया।