परीक्षितगढ़। सरकारी स्कूलों में अभिभावक बच्चों को इस उम्मीद से भेजते हैं कि वे पढ़ लिखकर उनका नाम रोशन करेंगे। वहीं, शिक्षक शायद ऐसा नहीं चाहते हैं। इसलिए वे बच्चों को पढ़ाने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त रखते हैं। उनसे स्कूल में झाडू लगवाई जाती है। इसकी शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जिससे अभिभावकों इन स्कूलों से मोहभंग होता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार सर्वशिक्षा अभियान पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद अभियान सफल होता नहीं दिखाई दे रहा है। इस अभियान अंतर्गत सरकार बच्चों को साक्षर बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसा लगता है कि स्कूल में तैनात शिक्षक बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों से सफाई कराने से लेकर हाथों में खुरपी देकर घास आदि साफ कराने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बाबत गंभीर नहीं हैं।
दो अक्टूबर को जहां पूरे देश में महात्मा गांधी एवं लाल बहादूर शास्त्री जयंती धूमधाम से मनाई जा रही थी। शिक्षकों ने बच्चों को उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। वहीं, परीक्षितगढ़ प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के बच्चे स्कूल में झाडू से सफाई कर रहे थे। अमर उजाला के संवाददाता ने इन बच्चों को कैमरे मेें कैद कर लिया। जिसे देख स्कूल में मौजूद शिक्षक कमरों में चले गए। वहीं, बच्चों ने बताया कि गुरु जी के कहने पर वह प्रतिदिन स्कूल में झाडू लगाते हैं। शिक्षकों का कहना है कि तुम ही सफाई करोगे।
सरकारी स्कूलों में अभिभावक बच्चों को इस आशय से पढ़ने भेजते हैं कि कांवेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की भॉति उनका बच्चा भी शिक्षा ग्रहण करेगा। वह पढ़ लिखकर उनका नाम रोशन करेगा। जब उन्हें पता चलता है कि स्कूलों में पढ़ाई के बजाय बच्चों से प्रतिदिन झाडू लगवाई जाती है। उनका सपना टूट जाता है। जिससे अभिभावकों का इन स्कूलों से मोह भंग होता जा रहा है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी शीशपाल सिंह का कहना है कि गांधी जयंती पर स्वच्छता कार्यक्रम के तहत बच्चों से सफाई कराई गई होगी। वह स्कूल नहीं पहुंचे थे। इस मामले की जांच कराई जाएगी।