मेरठ। चौधरी चरण विश्वविद्यालय ने छात्रों को नेड आईडी बनाने के निर्देश जारी किए हैं। एक साल से चल रही प्रक्रिया में बार-बार निर्देश के बावजूद छात्र समझने को तैयार नहीं हैं।
यूजीसी ने छात्र-छात्राओं के लिए नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (नैड) में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया था। इसके तहत ऐसी सुविधा दी गई है कि छात्र कहीं से भी अपने एकेडमिक डॉक्यूमेंट्स प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ओरिजनल डॉक्यूमेंट भी पास रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नैड ऑनलाइन स्टोर है। जिसमें छात्र-छात्राएं अपने डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्कशीट आदि को सुरक्षित रख सकते हैं। इस नेड आईडी को भविष्य में हर छात्र-छात्रा को परीक्षा फॉर्म में भरना अनिवार्य होगा। नैड आईडी बनाते समय छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड, अपना एक फोटो और हस्ताक्षर को स्कैन करके रखना होगा। नामांकन संख्या आदि के लिए अपनी मार्कशीट रखनी है। इसमें पंजीकरण के लिए विद्यार्थियों को मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी। इसके लिए विवि ने कई बार निर्देश दिए परंतु छात्र लापरवाही कर रहे हैं। विवि ने एक बार फिर अब छात्रों को नेड आईडी बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
18 लाख छात्र-छात्राओं का डाटा हुआ अपलोड
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अब तक नैड के पोर्टल पर 18 लाख छात्र-छात्राओं का डाटा अपलोड कर दिया है। इनमें साल 2015, 2016, 2017 और 2018 शामिल हैं। इन वर्ष में पास होने वाले छात्र नैड पोर्टल पर आईडी बना सकते हैं। इससे पहले के छात्र-छात्राओं के प्रमाण पत्र भी अपलोड किए जा रहे हैं।