दोस्त से मिलने की बात कहकर गया था
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह करीब पौने सात बजे छात्र स्कूटी लेकर किसी दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से गया था। उसकी स्कूटी टंकी परिसर के गेट पर खड़ी मिली और जूते टंकी के निकट मिले, लेकिन उसका मोबाइल नहीं मिला। मोबाइल पर रिंग जाती रही, लेकिन वह रिसीव नहीं हुआ था।
छात्र के साथ क्या हुआ, किसी ने नहीं देखा
छात्र की मौत को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है, लेकिन छात्र के साथ क्या हुआ, इसका कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया। छात्र की मौत टंकी से गिरकर हुई या अन्य किसी कारण से। यह स्पष्ट नहीं हुआ। छात्र को किसी ने टंकी पर चढ़ते हुए देखा और न ही वह टंकी पर किसी को नजर आया।
पहले माना हादसा, बाद में हुआ शक
काकानगर में कुछ लोगों ने यह भी बताया था कि घायल छात्र के पास बंदर भी मंडरा रहे थे। इस पर शुरू में माना गया कि बंदरों के हमले की वजह से हादसा हुआ, जिस कारण परिजनों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। देर रात तक यही चलता रहा। छात्र के कुछ रिश्तेदार भी आ गए।
परिजनों की सलाह पर परिजन बुधवार सुबह फिर से काकानगर में घटनास्थल (टंकी परिसर) पहुंचे और छानबीन की तो छात्र का मोबाइल टंकी पर ऊपर के हिस्से पर रखा हुआ मिला। इससे संदेह हुआ कि सौभाग्य की स्कूटी नीचे खड़ी थी, उसके जूते थे नीचे टंकी के पास थे तो मोबाइल फोन ऊपर कैसे आया। इसलिए छात्र मौत की सही वजह जानने को परिजनों ने पुलिस को शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रार्थना पत्र दिया।
20 साल से शामली में रहता है परिवार
जमुना प्रसाद गुप्ता का परिवार करीब 20 साल से शामली में रहता है। पहले उनकी तैनाती भूमि विकास बैंक की झिंझाना शाखा में थी, इसके बाद वे कई साल तक शामली स्थित शाखा में तैनात रहे। दो माह पहले ही उनका स्थानांतरण जेवर हो गया था।
वर्तमान में वे जेवर में तैनात हैं, लेकिन परिवार यहां सीबी गुप्ता कालोनी में किराए के मकान में रहा है। संभवत बेटे की पढ़ाई के कारण ही परिवार यहां था। छात्र सौभाग्य इकलौता पुत्र था। उसकी बड़ी बहन अनमोल गुप्ता देहरादून में सीए की पढ़ाई कर रही है।
मंगलवार को परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। बुधवार को परिजनों ने मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रारंभिक जांच में छात्र की मौत बंदरों के हमले की वजह से होना लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा। - प्रेमवीर राणा, कोतवाली प्रभारी