पुलिस ने कहा कि दिल्ली की हिंसा के आरोपियों और उनके परिजनों की मदद के लिये यह कैंप लगाया गया। पुलिस ने लाठी फटकारकर वहां से कैंप हटवा दिया। पुलिस का कहना है कि कैंप लगवाने वाला पूर्व पार्षद एक सामाजिक संस्था से जुड़ा हुआ है। वह लोगों को भड़काने के मामले में एक बार जेल जा चुका है।
गहरी साजिश तो नहीं
सीएए के विरोध में लोगों की भीड़ जुटाकर उनको भड़काने की गहरी साजिश चल रही है। दिल्ली में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू हुआ और देवबंद में भी लोग धरने पर बैठे। इसके अलावा मेरठ समेत कई जिलों में धरना प्रदर्शन करने की कोशिश की गई। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में 20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में हुई हिंसा में छह लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद भी मेरठ में कैंप लगाकर लोगों को जोड़ने की तैयारी चल रही है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
लिसाड़ी गेट में कैंप लगने की जानकारी लगने पर उसे तुरंत हटवाया गया था। दिल्ली हिंसा में आरोपियों की मदद में कैंप लगवाने में एक पूर्व पार्षद का नाम सामने आया है। जिसकी जांच पड़ताल के बाद केस दर्ज किया जाएगा। -दिनेश शुक्ला, सीओ कोतवाली