- विवि में हुए सम्मेलन में 100 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की ओर से बुधवार को अटल सभागार में अप्रेंटिसशिप आधारित उपाधि कार्यक्रम के तहत सम्मेलन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला आवश्यक बैठक के कारण शामिल नहीं हो सकीं। हालांकि, उन्होंने अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उनकी उपस्थिति में विश्वविद्यालय और बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
सम्मेलन में 43 उद्योगों के 81 प्रतिनिधियों और विभिन्न महाविद्यालयों के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह, कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह, बोर्ड निदेशक विवेक कुमार, निदेशक रैंकिंग एवं पूर्व प्रति-कुलपति प्रो. एमके गुप्ता, अप्रेंटिसशिप आधारित उपाधि कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. केके शर्मा, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश सी. शर्मा और सहायक निदेशक नवीन कुमार पाठक समेत विश्वविद्यालय, उद्योग और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रो. दिनेश सी शर्मा ने सम्मेलन की रूपरेखा पेश की। नवीन कुमार पाठक ने राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना की जानकारी दी। बोर्ड निदेशक विवेक कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और कार्य अनुभव दिया जा सकता है। अकुम्स औषधि एवं भेषज कंपनी, पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया, ओएनजीसी, जेबीएम ऑटो, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन और एडीआरडीई-डीआरडीओ, आगरा समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रश्नोत्तर सत्र और आमने-सामने अकादमिक-उद्योग संवाद में शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कंपनियों से सीधे बातचीत की। उद्योग प्रतिनिधियों ने परंपरागत पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण योजना के माध्यम से सशुल्क प्रशिक्षुता और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग का भरोसा दिलाया।