- मेरठ-हापुड़ मार्ग पर स्कूटी में किसी वाहन ने टक्कर मारी
- आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से भागा, पुलिस जांच में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ -बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोहियानगर थाना क्षेत्र में फफूंडा गांव के पास मंगलवार शाम किसी वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार नीट की तैयारी कर रही छात्रा खासपुर निवासी लक्ष्मी रानी (20) की मौत हो गई। छात्रा स्कूटी से शाम के समय कोचिंग खत्म कर वापस घर जा रही थी। हादसे में गंभीर घायल होने के बाद साथी छात्राओं व राहगीरों ने छात्रा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर लोहियानगर पुलिस छात्रा के गांव पहुंची। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव खासपुर निवासी सुंदर वाल्मीकि दिल्ली जल बोर्ड में कर्मचारी हैं। उनकी बेटी लक्ष्मी रानी ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह चिकित्सक बनने का सपना पूरा करने के लिए मेरठ में कोचिंग लेकर नीट की तैयारी कर रही थी। लक्ष्मी प्रतिदिन अपनी स्कूटी से कोचिंग जाती थी। मंगलवार सुबह भी वह रोजाना की तरह कोचिंग के लिए निकली थी। शाम करीब पांच बजे कोचिंग से घर लौटते समय फफूंडा गांव के पास किसी वाहन ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी।
टक्कर लगने से लक्ष्मी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके साथ दूसरी स्कूटी पर चल रही छात्राओं ने शोर मचा दिया। हादसे के बाद सड़क पर राहगीरों की भीड़ एकत्र हो गई। आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया। साथी छात्राओं ने कार सवार से लिफ्ट लेकर छात्रा को निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। परिजन छात्रा के शव को घर ले आए। बाद में उन्होंने लोहिया नगर पुलिस को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस देर शाम खासपुर गांव पहुंची। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की पहचान का प्रयास कर रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
- छात्रा चिकित्सक बनने का देख रही थी सपना
लक्ष्मी चार भाई-बहन में तीसरे नंबर पर थी और परिवार की इकलौती बेटी थी। पिता सुंदर वाल्मीकि की वह बेहद लाडली थी। बेटी की इच्छा पर पिता ने उसे मेरठ में कोचिंग दिला रहे थे। उन्होंने बताया कि बेटी का सपना चिकित्सक बनने का था। वह रोजाना स्कूटी से कोचिंग के लिए मेरठ जाती थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
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