मेरठ में कलक्ट्रेट पर परिजनों ने किया था हंगामा। फाइल फोटो।
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टीपीनगर थाना क्षेत्र से अगवा कर रोहटा थाना क्षेत्र में की गई बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने जहां पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, वहीं परिजनों द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक तूल भी पकड़ा था।
मेरठ के टीपी नगर निवासी बीए की छात्रा 15 मई 2026 को परीक्षा देने के लिए घर से निकली और लापता हो गई। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया और कल्याणपुर गांव के पास एक गन्ने के खेत में उसका शव बरामद हुआ था। परिजनों ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपी अंकुश और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। बकौल पुलिस, पूछताछ में अंकुश ने बताया कि छात्रा के मोबाइल फोन में किसी अन्य युवक के साथ चैट देखने के बाद वह गुस्से में आ गया था और इसी आवेश में उसने छात्रा की हत्या कर दी। वहीं छात्रा के परिजनों का कहना था कि अंकुश छात्रा से शादी करना चाहता था। लेकिन उनकी बेटी ने कहा कि वह अपने परिजनों की मर्जी से ही शादी करेगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा
घटना के बाद से ही परिजनों द्वारा दुष्कर्म के आरोप लगाए जा रहे थे, जिसके चलते मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई थी। हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि न होने से पुलिसिया जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था।
राजनीतिक और सामाजिक बवाल
छात्रा की हत्या के बाद मामला गरमा गया था। परिजनों ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आठ जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट में एक बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प भी हुई, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठे। प्रदर्शन के दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने पुलिस वैन में हिरासत में लिए गए अधिवक्ता रवि गौतम को थप्पड़ मारे थे। साथ ही प्रदर्शनकारियों को भी तमाचे लगाए थे।
राजनीतिक स्तर पर बटोरीं सुखियां
इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरीं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने पीड़ित परिवार का समर्थन किया। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती, आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मुख्य आरोपी के भाई की गिरफ्तारी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी के भाई अंकित चौधरी को भी गिरफ्तार किया था। अंकित पीएसी में सिपाही है और उसकी तैनाती मुरादाबाद में थी। पुलिस ने उसे साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। पुलिस के अनुसार, पीएसी विभाग को पत्र भेजे जाने के बाद अंकित को निलंबित भी कर दिया गया था। परिजनों द्वारा लगातार उसकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी।
परीक्षा देने निकली छात्रा का हुआ था अपहरण
टीपीनगर थाना क्षेत्र की बीए की छात्रा 15 मई की सुबह स्नातक की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह कॉलेज नहीं पहुंची। पुलिस के अनुसार रोहटा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी अंकुश चौधरी छात्रा को अपने साथ उकसिया गांव ले गया। पुलिस का आरोप है कि वहां ईख के खेत में आरोपी ने गला दबाकर हत्या कर दी थी।
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