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छात्रा हत्याकांड: फोरेंसिक रिपोर्ट में नहीं हुई दुष्कर्म की पुष्टि

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कलक्ट्रेट के गेट पर हंगामा कर रहे लोगों को एसएसपी ने मारे थे थप्पड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र से अपहरण कर रोहटा थाना क्षेत्र में ईख के खेत में की गई बीए की छात्रा की हत्या के मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट शुक्रवार को आ गई है। रिपोर्ट में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने जहां पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, वहीं परिजनों द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक तूल भी पकड़ा था। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कुछ राजनीतिक लोगों के मुंह पर चुप्पी आ गई है।
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की एक कॉलानी निवासी बीए की छात्रा 15 मई 2026 को परीक्षा देने के लिए घर से निकली और लापता हो गई। तीन दिन बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया और कल्याणपुर गांव के पास एक गन्ने के खेत में उनका शव बरामद हुआ था। परिजनों ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपी अंकुश और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बकौल पुलिस, पूछताछ में अंकुश ने बताया कि छात्रा के मोबाइल फोन में किसी अन्य युवक के साथ चैट देखने के बाद वह गुस्से में आ गया था और इसी आवेश में उसने छात्रा की गला घोट कर हत्या कर दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी के भाई अंकित चौधरी को भी जेल भेजा था। अंकित पीएसी में सिपाही है और उसकी तैनाती मुरादाबाद में थी।
घटना के बाद से ही परिजनों द्वारा दुष्कर्म के आरोप लगाए जा रहे थे, जिसके चलते मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई थी। हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि न होने से पुलिस जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। पुलिस जांच के मुताबिक हत्या संबंधों में हुई है। छात्रा की हत्या के बाद मामला गरमा गया था। परिजनों ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आठ जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट में एक बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प भी हुई, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठे। प्रदर्शन के दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने पुलिस वैन में हिरासत में लिए गए अधिवक्ता रवि गौतम को थप्पड़ मारे थे। कलक्ट्रेट गेट पर बवाल करने वालों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसमें आठ आरोपी पुलिस ने जेल भेजे थे। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
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जयंत चौधरी से लगाई वीडियो वायरल कर गुहार
अंकित की पत्नी दीपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। दीपा ने सोशल मीडिया पर कहा कि पति अंकित को मुरादाबाद से टीपीनगर पुलिस ने पकड़ा है। झूठे मुकदमे में पति को फंसाया गया है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी से मांग है कि सीबीसीआईडी जांच कराकर हमें न्याय दिलाया जाए। वहीं दूसरी ओर अंकित की मां ने भी वीडियो जारी की है। उन्होंने सीबीसीआईडी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो लखनऊ मुख्यमंत्री आवास जाकर आत्महत्या कर लूंगी। अंकित को निर्दोष बताया है।
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