मेरठ। एनएएस कॉलेज में शुक्रवार को एलएलबी की परीक्षा के दौरान घर से लिखकर लाई कॉपी पर परीक्षा देते हुए मिला। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि परीक्षा से पहले छात्र के पास कॉपी कहां से आई। इतना ही नहीं यह भी जांच का विषय है कि जो प्रश्न वह कॉपी पर हल कर लाया था वह उसको पेपर शुरू होने से पहले कैसे पता चले। क्योंकि छात्र ने कॉपी में जो प्रश्न हल कर रखे थे, उसमें से दो लघु उत्तरीय सवाल प्रश्नपत्र में भी पूछे गए थे।
बता दें कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। एनएएस कॉलेज में सरूरपुर स्थित चौधरी दलेल सिंह लॉ कॉलेज के छात्रों का सेंटर पड़ा हुआ है। जिसके तहत शुक्रवार को एलएलबी तृतीय सेमेस्टर कोड 3003 की परीक्षा आयोजित की गई थी।घर से जैकेट में छुपाकर लाई गई कॉपी पर छात्र परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। परीक्षा के दौरान सचल दल निरीक्षण करने पहुंचा। जब दल टॉयलेट में निरीक्षण के लिए पहुंचा तो वहां उन्हें एक रोल नंबर लिखी खाली कॉपी मिली। कॉपी पर लिखे रोल नंबर के माध्यम से सचल दल परीक्षा कक्ष में निरीक्षण के लिए पहुंचा।
वहां उस रोल नंबर का छात्र मोहम्मद दाऊद दूसरी कॉपी पर प्रश्न हल करते हुए पाया गया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया, जिसमें छात्र पेपर शुरू होने के दो घंटे बाद टॉयलेट जाता हुआ दिखाई दिया। टॉयलेट से परीक्षा कक्ष में आने के बाद सीसीटीवी कैमरे में जैकेट से कॉपी निकलता हुआ भी छात्र दिखाई दे रहा है। जिससे साफ हो गया की छात्र घर से कॉपी लिखकर लाया था और उसमें काफी सारे सवाल उसने पहले से ही हल कर रखे थे।
मामला पकड़ में आने के बाद जब छात्र से पूछताछ की गई तो पहले तो उसने आनाकानी की लेकिन बाद में उसने बताया कि यह कॉपी वह घर से लिखकर लाया था। उसे उम्मीद थी कि इसमें हल किए गए अधिकांश सवाल पेपर में पूछे जाएंगे। मगर पेपर में से केवल दो ही लघु उत्तरीय सवाल पूछे गए थे। कॉलेज प्राचार्य मनोज अग्रवाल की ओर से थाना सिविल लाइन में शिकायत की गई और छात्र को पुलिस को सौंप दिया गया है।
छात्र के पास कॉपी कहां से आई। जिस पर वह घर से प्रश्न घर से हल कर लाया था। इसमें गठित किए गए टीम के प्रोफेसर जांच कर रहे हैं कि यह कॉपी कहां से आई। इसकी रिपोर्ट शनिवार को दी जाएगी। इसमें यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किसी दूसरे कॉलेज की खाली कॉपी हो। मगर अब यह स्थिति कॉपी के सीरियल नंबर की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी कि यह कॉपी किस कॉलेज की है। इस मामले की रिपोर्ट सीसीएसयू को भी दी गई है उनके स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।