हमें मौके पर नहीं जाने दिया
हंगामा कर रहे छात्रों ने जाम लगाते हुए कहा यदि स्कूल के किसी शिक्षक की मौत हो जाए तो तत्काल छुट्टी करके टीचर मौके पर चले जाते हैं। लेकिन हमारे सहपाठी की मौत हो गई तो हमें स्कूल से नहीं जाने दिया गया। चार घंटे बाद छुट्टी की गई।
पुलिस ने देखी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
हादसे के बाद पुलिस पहुंची तो कोई रोडवेज बस तो कोई ई-रिक्शा से मौत होना बताने लगा। दोपहर को थाना टीपीनगर के एसआई महेश मिश्रा और बच्चे के परिजनों ने अमर उजाला कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। जिसमें देखा गया कि छात्र साइकिल से जा रहा था। उसके बराबर में ई-रिक्शा थी। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से पीले रंग की एक बस आयी। बस की टक्कर से छात्र दूर जा गिरा। उसके बाद वाहन रुकने शुरू हो गए। आरोपी चालक बस लेकर भाग निकला।
‘आर्यन एक बार लौट आ’
आर्यन के पिता मनोज कुमार मजदूर हैं। आर्यन मोहकमपुर में अपने मामा के साथ कपड़ों की सिलाई के काम में हाथ बंटाता था। छोटा भाई रोहन, बहन गुनगुन और सोनी मोहकमपुर में ही पढ़ते हैं। आर्यन की मां बबीता ने बिलखते हुए कहा कि मेरा तो व्रत था। मुझे नहीं पता था कि आर्यन मुझे छोड़कर चला जाएगा। मेरा तो सब कुछ ही उजड़ गया। बेटा एक बार तो लौट आ।
स्कूल से नहीं गए थे बच्चे
बच्चे की मौत की सूचना के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी। इसके बाद शिक्षकों की मीटिंग की गई। तय किया गया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी। जिन बच्चों ने हंगामा किया था, वह स्कूल से नहीं गए थे। -सुशील कुमार प्रधानाचार्य, डीएन इंटर कॉलेज