संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। बृहस्पतिवार देर रात आई तेज आंधी ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए, जबकि कुछ जगहों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई और ग्रामीणों को रातभर परेशानी झेलनी पड़ी।
आंधी के चलते गांव सलावा, छुर, कपसाड़, नानू, झिटकरी, मंढियाई और पिठलोकर क्षेत्र समेत कई गांवों में बिजली के तार टूट गए। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए। बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया और लोगों को गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम की टीमें रात से ही फॉल्ट तलाशने और लाइनों को दुरुस्त करने में जुट रहीं। अधिकारियों के अनुसार तेज आंधी से निगम को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। उधर, तेज हवाओं का असर आम की फसल पर भी पड़ा। बागों में बड़ी संख्या में कच्चे आम गिर गए, जिससे किसानों और बाग ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विद्युत निगम के एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल ने बताया कि 10-12 गांवों में आंधी तूफान से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। ऊर्जा निगम की टीम मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। इनमें से आधे गांवाें की आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। अन्य में मरम्मत कार्य जारी है।