फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हड़ताल : मेरठ में 23 बैंकों की 250 शाखाओं में नहीं हुआ काम, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

Thu, 09 Jan 2020 01:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
बैंक कर्मचारियों के हड़ताल होने पर बंद बैंक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ट्रेड यूनियनों की एक दिवसीय हड़ताल में शहर में 23 बैंकों की 250 शाखाओं और एलआईसी कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन कर डीएम को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने सरकार पर ट्रेड यूनियन विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कुछ अन्य बैंक शाखाओं के उच्चाधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। ऑल इंडिया ओरियंटल बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजकुमार महेंद्रू ने कहा कि हड़ताल से बैंकों का करीब एक हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।

हड़ताल से पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, सेंट्रल बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, आंध्रा बैंक, इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, कारपोरेशन बैंक आदि बैंक की शाखाओं का काम प्रभावित रहा।

इसके अलावा एलआईसी, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल, आयकर विभाग, जनरल इंश्योरेंस आदि कार्यालयों में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने वालों में प्रशांत शर्मा, राजकुमार महेंद्रू, सीएम गौतम, ओमवीर त्यागी, धर्मवीर, राजीव कुमार, करतार सिंह, कृष्ण कुमार, ललित कुमार, केके अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

विरोध में शामिल हुए यूनियन
राजकुमार महेंद्रू के अनुसार, एआईबीईए (ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन), एआईबीओए (ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन), बैसी (बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया), इनबेफ (इंडियन नेशनल बैंक एम्पलाइज फेडरेशन) और इनवोक (इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कॉफेडरेशन) इसके साथ सीआईटीयू (सेंट्रल इंडस्ट्रियल ट्रेड यूनियन), एआईटीयूसी (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस), इनटेक (नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस)।
विज्ञापन

ये हैं ट्रेड यूनियन की प्रमुख मांगे
राजकुमार महेंद्रू के अनुसार कर्मचारी यूनियन की तेरह सूूत्री मांगों में बैंकों में वेज रिवीजन, अनावश्यक बैंकों का मर्जर, बैंक पर अनाधिकृत कार्य थोपा जाना, सही चयन और भर्ती प्रक्रिया की मांग, डिफाल्टर्स पर सख्ती कार्रवाई और वसूली की मांग आदि।

वहीं, संयुक्त मांगों में इकॉनमी स्लो डाउन, प्राइस राइस, बेरोजगारी, इंडस्ट्रियल सूचकांक के निचले स्तर पर पहुंचने का विरोध, कृषि क्षेत्र में भारी हानि, किसानों को सुविधाओं का अभाव, बीपीसीएल, रेलवे और एयर इंडिया के निजीकरण का विरोध, बीएसएनएल व एमटीएनएल के कर्मचारियों के वीआरएस का विरोध आदि।

हड़ताल में नहीं हुए शामिल
हड़ताल में एनसीबीई (नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक एम्पलाइज), आईवॉक (ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन), एनओबीडब्लू (नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स), एनओबीओ (नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स)।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें