ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किठौर में अवैध हथियार बनाने वालों पर पुलिस शिकंजा क्यों नहीं कस पाई, जबकि यहां के हथियार सप्लायरों का कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़ा होना बताया गया था।
इसको लेकर एनआईए और एटीएस ने जनवरी 2017 में जांच की थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके से तीन संदिग्ध नईम, सुहेल और मतलूब की गिरफ्तारी भी की थी।