कैराना। सरकारी अस्पताल में सर्जन डॉक्टर ने गर्भवती महिला के परिजनों से करीब साढ़े आठ हजार रुपये वसूले थे। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच बैठाई। जिसके बाद जांच कमेटी ने दोनों पक्षों के कुल पांच लोगों के बयान दर्ज किए। जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
चार दिन पहले मोहल्ला आलकलां निवासी मोहम्मद शादाब ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल की थी। जिसमें कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सर्जन डॉ. मनीष राठी व अन्य दो कर्मचारी उससे पांच-पांच सौ के नोट लेते हुए साफ दिखाई दे रहे थे। शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब ने बताया कि करीब चार माह पहले उसकी भाभी आलिया ने सीएचसी पर ऑपरेशन के बाद एक बच्ची को जन्म दिया था। जिसका ऑपरेशन सीएचसी पर तैनात सर्जन डॉक्टर मनीष राठी के द्वारा किया गया था।
ऑपरेशन के नाम पर डॉ. मनीष राठी व अन्य दो कर्मचारियों ने उससे करीब साढ़े आठ हजार रुपये लिए थे। उसके द्वारा ही आरोपियों की अपने मोबाइल से वीडियो बनाई गई थी। पीड़ित ने स्वास्थ्य मंत्री से लेकर जिलाधिकारी शामली व मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायत करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
डीएम अरविंद कुमार चौहान के आदेश पर सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। सीएमओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट पूरी है। जांच कमेटी उच्चाधिकारियों को अपनी जांच रिपोर्ट भेजेगी। जो शासन को जाएगी। जल्द ही शासन स्तर से दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- जांच कमेटी ने पांच लोगों के दर्ज किए बयान
कैराना। सीएमओ की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी में डॉक्टर अतहर जमील, डॉक्टर अश्वनी व डॉ. विनोद शामिल हैं। जिन्होंने शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब सहित आरोपी सर्जन डॉ. मनीष राठी, ओटी टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार व एक अन्य कर्मचारी तथा अंबा ब्लड बैंक के संचालक के बयान दर्ज किए हैं।