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याद आई क्रांतिकारियों की शहादत, नम हो गईं आंखें

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याद आई क्रांतिकारियों की शहादत, नम हो गईं आंखें
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मेरठ। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पुण्यतिथि पर साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था लहर नाट्य मंच की ओर से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चंद्र बोस सभागार में नाटककार राजेश कुमार द्वारा लिखित नाटक ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ का मंचन किया। इसका निर्देशन किया संस्था सचिव एवं युवा रंगकर्मी अनुज शर्मा ने। साइमन कमीशन के विरोध से शुरू हुए नाटक के मंचन में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने के सजीव मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अंग्रेजों के जुल्मों की दास्तां से लेकर क्रांतिकारियों की यादें ताजा हो गईं। दर्शकों ने उनकी शहादत को नमन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे सीसीएसयू प्रोफेसर सुनील पुंडीर और स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण कुमार खन्ना ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंचन शुरू हुआ तो दृश्य में लाहौर स्टेशन पर ट्रेन के सायरन की आवाज गूंज रही थी। इस बीच लाला लाजपत राय, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु साइमन कमीशन के विरोध में नारे लगाते पहुंचे। इसी बीच, अंग्रेज अफसर सांडर्स ने लाठी से वार कर लाला लाजपत राय जी को घायल कर दिया। फिर उनके निधन के साथ नाटक का पहला भाग पूरा हुआ।
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एक अन्य दृश्य में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु और सुखदेव ने खून का बदला खून से लेने की शपथ ली। उन्होंने अंग्रेज अफसर सांडर्स को मौत के घाट उतार दिया। आजाद के संवाद जब तक मेरा बमतु बुखारा मेरे साथ है, कोई अंग्रेज मुझे छू भी नहीं सकता...पर तालियां गूंज उठीं। क्रांतिकारियों के बीच संवाद और संजीदगी भरे अभिनय ने सभी पर छाप छोड़ी। असेंबली में बम विस्फोट के बाद इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय ने जोश भर दिया। स्वतंत्रता सेनानियों पर अंग्रेजों के जुल्मों के दृश्य देख रौंगटे खड़े हो गए। सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.. गीत ने भी सबमें जोश भर दिया।
नाटक में लाला लाजपत राय (राहुल कौशिक), आशीष तोमर (भगत सिंह), सीमा समर (भगत सिंह की मां), शक्ति कुमार गर्ग (सरकारी वकील), क्षितिज तिवारी (चंद्रशेखर आजाद), विकास कुमार (सुखदेव), विभु शर्मा (राजगुरू), राहुल मधुकर (सफाई कर्मचारी) और विकास सिंह राजपूत (जेलर) ने बेहतरीन अभिनय किया। पार्श्व संगीत, निर्देशन (अनुज शर्मा) और प्रकाश संयोजन ( विश्वास हांडा) ने भी प्रस्तुति को बेहतरीन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. स्नेहवीर पुंडीर ने की। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्मकार पंकज तिवारी रहे। यह कार्यक्रम संस्कार भारती मेरठ के सौजन्य से कराया गया।
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