पांच शहरों के लिए सीधी उड़ान भर सकेंगे मेरठवासी
मेरठ। रंगों के त्योहार से पहले मेरठवासियों को एक सुखद खबर मिल गई। अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा मेरठ में आधुनिक एयरपोर्ट के विकास, संचालन और रखरखाव की सहमति के बाद यहां के लोग पांच शहरों के लिए सीधी उड़ान भर सकेंगे। इसमें लखनऊ, बरेली, आगरा, प्रयागराज और कानपुर शामिल किए गए हैं। इन सभी शहरों की उड़ान के लिए बोली मांगी गई है। मंगलवार को केंद्र सरकार के सचिव यूके भारद्वाज ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मेरठ एयरपोर्ट के विकास के बारे में जानकारियां दी हैं।
मेरठ की डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी उड़ान योजना स्कीम 4.1 में चयनित है। जिले में 46 एकड़ भूमि पर राज्य सरकार ने हवाई पट्टी का निर्माण कराया है। इसके विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा 86 एकड़ भूमि खरीदकर 2014 में एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को दी थी। राज्य सरकार मेरठ से 72 सीटर हवाई जहाज चलाने के लिए तैयार है। मेरठ से हवाई उड़ान की सबसे बड़ी बाधा अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर थी। कुछ दिन पहले दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने मेरठ से हवाई उड़ान के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। मेरठ से 72 सीटर विमान उड़ान के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। इस राशि से मुख्य रूप से टर्मिनल बिल्डिंग और एटीसी टॉवर निर्माण होना है।
फरवरी में प्रदेश सरकार के बजट सत्र से पहले प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मेरठ से जल्द हवाई उड़ान शुरू करने का आश्वासन दिया था। उस समय वर्तमान मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह प्रदेश में नागरिक उड्डयन विभाग की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बताया जाता है कि मेरठ के हवाई अड्डे को कर्नाटक राज्य के बीदर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
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अब संयुक्त रूप से काम होगा
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा मेरठ एयरपोर्ट के विकास और अन्य कार्यो के लिए लिए सहमति देने के बाद अब राज्य सरकार, एएआई व दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड संयुक्त रुप से काम करेंगे।
- सुरेंद्र सिंह, कमिश्नर, मेरठ मंडल
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केंद्र सरकार का एक और तोहफा
जिस कार्य की काफी समय से प्रतीक्षा थी, वह एक कदम आगे बढ़ गया है। अब तो निर्माण कार्य शुरू होने का ही इंतजार है। रैपिड रेल और एक्सप्रेसवे के बाद यह मेरठ के लिए केंद्र सरकार का एक और तोहफा है।
- राजेंद्र अग्रवाल, सांसद