पीड़ित पक्षों के अनुसार गांव गुर्जर बहुल है। गांव के कुछ लोग अपने तरीके से कार्य करा रहे हैं। हालांकि लेखपाल द्वारा जो निशानदेही की गई वह केवल उनकी बस्ती में ही लागू की जा रही है।
तालाब किनारे बस्ती को जाने वाला एक ही रास्ता है जिसे बंद करा दिया गया। जिससे करीब 70-80 परिवार प्रभावित हैं।
वहीं, दूसरी तरफ रास्ता तालाब दूसरे लोगों की बस्ती में जाने वाले रास्ते को 30 फीट चौड़ा कर दिया गया है। हालांकि लेखपाल द्वारा महज 10 फीट चौड़ा रास्ता छोड़ने के लिए कहा गया था।
ग्रामीणों ने मनमानी करके अपने मकानों को सुरक्षित कर लिया गया। अनुसूचित जाति के कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने एसडीएम से मौके का मुआयना कर न्याय दिलाने की मांग की है।