मेरठ में पुलिस की दुत्कार मिलने पर स्पोर्ट्स कारोबारी रंजीत सिंह ठाकुर द्वारा टीपीनगर थाने में आत्मदाह करने के प्रयास का मामला गुरुवार को लखनऊ तक गूंज गया। कारोबारी की हालत बेहद नाजुक बनी है। डॉक्टरों ने 48 घंटे का समय दिया है। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने दरोगा (विवेचक) नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम पर जांच बैठाने के अलावा तत्कालीन थानाध्यक्ष डालचंद और मुंशी के खिलाफ विवेचना में लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर डालचंद वर्तमान में मेरठ में ही सर्विलांस सेल प्रभारी हैं।
शताब्दीनगर सेक्टर-5 निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी रंजीत सिंह ठाकुर का पहले बैंक अफसरों और फिर टीपीनगर पुलिस ने मानसिक उत्पीड़न किया। बुधवार को तो पुलिस ने हद पार कर दी। कारोबारी इंस्पेक्टर टीपीनगर प्रमोद गौतम को कभी कॉल तो कभी मैसेज करता रहा। लेकिन इंस्पेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। देर शाम कारोबारी थाने पहुंचा तो इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम और मुकदमे के विवेचक दरोगा नरेंद्र कुमार ने दुत्कार दिया। जिससे क्षुब्ध होकर कारोबारी फिर दोबारा रात को खुद को पेट्रोल से आग लगाकर बाइक समेत टीपी नगर थाने में घुस गया था। 80 प्रतिशत तक झुलसे कारोबारी की हालत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में नाजुक बनी है।