एसएसपी से इंसाफ की गुहार लगाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हत्या की रिपोर्ट दर्ज न करने पर पीड़ित परिवार ने कचहरी में जमकर हंगामा किया। पीड़ित महिलाएं एसएसपी मंजिल सैनी के सामने फूट-फूटकर रोई। उन्होंने एसएसपी से रोते हुए कहा कि हत्यारों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। इसस दौरान परिजनों ने टीपीनगर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
दो दिसंबर को मलियाना नई बस्ती निवासी दिलीप (22) का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। जिसका पोस्टमार्टम जीआरपी ने कराया था। जीआरपी का दावा है कि दिलीप ने खुदकुशी की है। जबकि उनके परिवार का कहना है कि हत्या के बाद आत्महत्या दर्शाने के लिए उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने टीपीनगर थाने में शिकायत की थी।
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पीड़ित परिवार हत्या का केस दर्ज कराना चाहता है। लेकिन पुलिस रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं। शनिवार को पीड़ित परिवार कचहरी में पहुंच गया। जहां विकास भवन में एसएसपी एक मीटिंग में पहुंचीं थीं। इसी दौरान दिलीप के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। टीपीनगर पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगने लगे। जिस पर एसएसपी बाहर आईं और पीड़ित परिवार की समस्या सुनी।
कोई तहरीर तो लेकर आए
पीड़ित परिवार की बात सुनकर एसएसपी ने एसओ टीपीनगर को फोन कर रिपोर्ट हत्या की धारा में दर्ज करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि जांच के बाद उचित कार्रवाई करेंगे। एसओ टीपीनगर बृजेश शर्मा ने बताया कि मामला जीआरपी का है। रिपोर्ट दर्ज करने से पुलिस ने मना नहीं किया। कोई तहरीर तो थाने लेकर आए। एसएसपी के कहने के बावजूद भी अभी तक तहरीर नहीं आई है।
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