देवालयों में कन्हैया की मन मोहक झांकी और लीलाओं के दर्शन कर महानगर की जनता धन्य हो गई। हर गली मोहल्ले में लड्डू गोपाल की झांकियां सजायी गई तो कन्हैया को छप्पन भोग लगाया गया। भक्तों ने अपने इष्ट की आरती उतारी और पूरा शहर भक्ति भाव से सराबोर हो गया। भजनों की धुन पर भक्तजन झूमते नजर आए।
नंदी चौक श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में प्रभु की मन मोहक झांकी सजायी गई। बच्चे रधिका और कृष्ण के वेश में सजकर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। श्री कृष्ण, वासुदेव की लीलाओं का भी मंचन हुआ। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पीयूष शास्त्री, राजू वर्मा, राजीव गुप्ता आदि रहे। शारदा रोड स्थित सेठ कन्हैया लाल धर्मशाला में माहेश्वरी परिवार की ओर से नंदोत्सव मनाया गया।कमल माहेश्वरी ने बताया इस अवसर पर झांकी मंचन के साथ नृत्य आदि का कार्यक्रम हुआ।
दिल्ली रोड स्थित श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को झूले पर झुलाया गया। झूला झांकी के दर्शन करके सभी भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। मध्य रात्रि तक मंदिर प्रभु के जयकारों से गूंजते रहें। नगर निगम परिसर स्थित झाड़खंडी मंदिर में भी मन मोहक झांकियां सजायी गई।
पालने में विराजमान नंदलाल सभी के मन में बस गयी और भक्तों ने पालना झुलाने का सौभाग्य प्राप्त किया। मुक्ताकाश नाट्य संस्थान के कलाकारों ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कालिया मर्दन नृत्य प्रस्तुत किया। लीला मंचन में दिखाया गया कि यमुना किनारे श्री कृष्ण सखाओं के साथ नृत्य कर कंदुक खेल रहे हैं। कंदुक यमुना में गिर जाती है जहां कालिया नाग जहर उगलता है। श्रीकृष्ण कालिया का संहार करते है। अंजलि पटेल, ऐश्वर्या, अंकुर, गौरव और विपुल आदि उपस्थित रहे।
देहली गेट स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में संजय सोनी म्यूजिकल ग्रुप ने कृष्ण भक्ति का मंचन किया। मंदिर समिति द्वारा फूल डोल और झूला सजाया गया। लड्डू गोपाल का केट काटा गया और माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। सदर बाजार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में नंद उत्सव हुआ। बाल कृष्ण का फूल बंगला सजाया गया और भजनों की प्रस्तुति दी गयी। मुख्य आरती रात्रि 11.35 पर हुई। सूरजकुंड देवी नगर स्थित श्री मां शिव शक्ति दुर्गा मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। कंकरखेड़ा मंदिर महादेव में छप्पन भोग लगाया गया। फूल डोल में विराजमान नंद गोपाल के दर्शन करके भक्त धन्य हो गए। शिव मंदिर ब्रह्मपुरी, गोल मंदिर शास्त्रीनगर, बुढ़ाना गेट मंदिर, सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर, नई सड़क स्थित शिव मंदिर आदि सभी में झांकी और रासलीला हुई।