रोडवेज परिचालक पद के लिए परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को बसें नहीं मिलीं। विरोध में उन्होंने जमकर हंगामा किया। अधिकतर रूटों पर बसों की किल्लत से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
प्रतियोगी परीक्षा से पहले रोडवेज बस संचालन व्यवस्था चाक चौबंद होने का दावा करता है। लेकिन हर बार दावे फेल हो जाते हैं। रविवार को शहर में रोडवेज परिचालक पद की परीक्षा थी। हजारों परीक्षार्थी परीक्षा देने शहर में आए थे। परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी जब भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डे पर पहुंचे तो भारी भीड़ लग गई।
भीड़ के सापेक्ष बस नहीं होने से परीक्षार्थियों को बस का इंतजार करना पड़ा। जो भी बस आती थी वह एक मिनट में ही फुल हो जाती थी। शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बड़ौत, नोएडा, दिल्ली, बिजनौर, मवाना, बुलंदशहर, हापुड़ और गढ़ आदि रूटों पर बसों की कमी से यात्री परेशान हुए। परीक्षार्थी बस के बारे में इंक्वायरी पर जानकारी करते रहे। सही जानकारी और बस नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों ने हंगामा भी किया।
शाम को भी रही भारी भीड़
जन्माष्टमी और वीकेंड के अवसर पर घर आए लोग गंतव्य को जाने के लिए शाम को रोडवेज अड्डे पर पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली और नोएडा जाने वालों की थी। भारी भीड़ के आगे बस कम पड़ गईं। नोएडा डिपो की बसों ने ही यात्रियों को राहत दी।