कलक्ट्रेट में जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान उपजिलाधिकारी सुरजीत सिंह वहां पहुंचे और कह दिया कि यहां धरना मत दो, धरनास्थल बनत में है, वहां जाओ। इस पर जिला पंचायत सदस्य मनीष चौहान की एसडीएम से नोकझोंक भी हो गई। हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने बात को संभाल लिया। इसके बाद महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरजीत सिंह को सौंपने के बाद धरना समाप्त हो गया। वहीं, धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। इस दौरान राजेंद्र राणा, अंकित राणा, महेशपाल चेयरमैन, मोनू कैडी, जमशेद सैफी, भोपाल सिंह, पंकज, गोरधन, डॉ. मुस्तफा, इरफान ठेकेदार, राजू सिंह, संजय सिंह, अजय राणा, विक्रांत, धीर सिंह, रफल सिंह, अरविंद कुमार, राजेश चौहान, ब्रिजेश कुमार, अनिल उपाध्याय, हामिद, भुट्टू प्रधान और गौरव आदि मौजूद रहे।
विपक्ष को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है सत्ता : मनीष
धरने के दौरान जिला पंचायत सदस्य मनीष चौहान ने कहा कि हसनपुर लुहारी साधन सहकारी समिति में सत्ता पक्ष के लोगों ने मनमानी करते हुए निर्धारित समय के बाद भी नामांकन करना चाहा, यदि उन्हें रोका तो जेल भिजवाने की धमकी दी गईं, जो लोकतंत्र में बिल्कुल गलत है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने ही नामांकन पत्र फाड़े, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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