नैना सिंह के ससुर हरीश पाल जनता दल के टिकट पर 1989 में मेरठ से सांसद रहे। उन्होंने कांग्रेस की मोहसिना किदवई को हराया था। बाद में वह मुलायम सिंह के साथ चले गए।
पूर्व सांसद हरीशपाल की पुत्रवधु नैना सिंह को सपा-रालोद गठबन्धन ने हापुड़ की गढ़मुक्तेश्वर सीट से प्रत्याशी बनाया है। वहीं मंगलवार को गठबंधन ने सिवालखास विधानसभा सीट से भी पर्दा हटा दिया। गठबंधन ने यहां से हाजी गुलाम मोहम्मद को प्रत्याशी बनाया है।
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नैना सिंह के ससुर हरीश पाल जनता दल के टिकट पर 1989 में मेरठ से सांसद रहे। उन्होंने कांग्रेस की मोहसिना किदवई को हराया था। बाद में वह मुलायम सिंह के साथ चले गए। सपा में जाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र प्रसाद एक बार हरीशपाल को कांग्रेस में ले आए थे, लेकिन कुछ समय बाद फिर हरीशपाल को सपा में दुबारा मुलायम सिंह यादव ने बुला लिया, तब से पूरा परिवार सपा के साथ है।
नैना का परिवार मेरठ में बागपत रोड पर रहता है। काइट ग्रुफ ऑफ इंस्टीट्यूशंस को परिवार चलाता है। ग्रुप के स्कूल-कालेजों को नीरज पाल सिंह और उनकी पत्नी नैना सिंह संभालती हैं। नैना सिंह का कहना है कि महिलाओं, गरीबों, किसानों और नौजवानों के मुद्दों पर चुनाव लड़ूंगी और जनता का आशीर्वाद मिलेगा।
नीरज सिंह ने बताया कि सिंबल मिल गया है, लेकिन पार्टी हाईकमान ने उसे सार्वजनिक करने या सोशल मीडिया पर डालने से मना किया हुआ है।