मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के करीब एक माह बाद समाजवादी पार्टी ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। अपने पुत्र नवाजिश मंजूर को प्रत्याशी बनवाने के लिए पैरवी में जुटे कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर को झटका देते हुए सपा ने समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को प्रत्याशी घोषित किया है।
भाजपा पहले ही मुखिया गुर्जर के पुत्र कुलविंदर सिंह को प्रत्याशी बना चुकी है। ऐसे में सपा ने सोची-समझी रणनीति के तहत नवाजिश के बजाय गुर्जर प्रत्याशी को तरजीह देकर इस मुकाबले में गरमाहट पैदा कर दी है।
यह है मुकाबले का गणित
जिला पंचायत के 34 निर्वाचित सदस्यों में से 10 गुर्जर बिरादरी के हैं। दोनों प्रत्याशी गुर्जर होने से अब बाकी आठ सदस्यों पर दोनों ही दलों का दावा रहेगा। यह बात अलग है कि कौन अपनी बिरादरी के सदस्यों पर कितनी पकड़ बना पाता है।
इसके अलावा पांच-पांच जाट और मुस्लिम सदस्य हैं। सपा का दावा है कि सभी मुस्लिम सदस्य उसके ही पाले में रहेंगे। साथ ही 10 दलित सदस्यों के अलावा जाट सदस्यों पर भाजपा और सपा बराबर का दावा जता रही है। इस कारण मुकाबला जहां पूरी तरह फंसा हुआ है। वहीं, मुस्लिम वोट सपा प्रत्याशी के भविष्य का फैसला करेंगे।
यहां फंसेगा समीकरण
जीतकर आए मुस्लिम सदस्यों में एक बसपा से है, उसका रूख अहम रहेगा। बाकी कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के प्रभाव वाले हैं। ऐसे में वे अब कहां जाएंगे, इसे लेकर चर्चा तेज है। साथ ही जाट वोटों पर भाजपा जहां जमकर दावा कर रही है, वहीं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह अतुल प्रधान के पक्ष में खुलकर मैदान में हैं।
ऐसे में जाट वोटों को वह अतुल के पक्ष में लाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। लेकिन, सीमा का पूरा चुनाव गुर्जर वोटों के साथ मुस्लिम वोटों पर निर्भर करेगा। अतुल यदि इन वोटों को सीमा के पक्ष में कर लेते हैं, तो उनकी जीत लगभग तय हो सकती है।
उधर, भाजपा पहले से ही 10 सदस्यों के साथ मजबूती से चुनाव मैदान में है। एक माह पूर्व प्रत्याशी तय होने से भाजपा प्रत्याशी ने आधा दर्जन से ज्यादा सदस्यों से सीधे संपर्क साध लेने का दावा किया है, जो सपा के लिए मुसीबत साबित हो सकता है।
हम पर नहीं पड़ेगा कोई फर्क
भाजपा से जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला और नितिन खटीक ने कहा कि सपा चाहे किसी को भी मैदान में उतार दे, लेकिन इस बार जिला पंचायत सदस्य भाजपा का ही बनेगा। सपा ने ऐसे समय में प्रत्याशी तय किया है, जब हम अपनी जीत का आधार पक्का कर चुके हैं।
पुलिस के पहरे में रहेंगे जिपं सदस्य
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होने तक जिला पंचायत के सदस्यों पर पुलिस का पहरा रहेगा। प्रत्येक सदस्य को एक-एक निशुल्क गनर दिया जाएगा। एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि किसी भी जिला पंचायत सदस्य की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
अक्सर जिपं अध्यक्ष के चुनाव में सदस्यों का किडनैप कर लिया जाता है। कुछ दबंग लोग सदस्यों को अपने पक्ष में लेने की भी कोशिश करते हैं। इससे बचने के लिए उनकी सुरक्षा को बढ़ाया जा रहा है। कोई सदस्य गनर मांगे या नहीं, इससे पुलिस को कोई मतलब नहीं। अध्यक्ष के चुनाव होने तक हर हाल में गनर दिया जाएगा। एसएसपी ने आरआई सत्यप्रकाश शर्मा को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।