नगर निगम में बसपा से ज्यादा हो गए सपा पार्षद
मेरठ। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक योगेश वर्मा और मेयर सुनीता वर्मा के शनिवार को सपा में शामिल होने से बसपा को नगर निगम में झटका लगा है। नगर निगम में बसपा भाजपा के बाद दूसरे स्थान पर थी, अब वह तीसरे नंबर पर आ गई है। दूसरी तरफ पंचायत चुनाव में भी बसपा का नुकसान तय माना जा रहा है।
अक्तूबर 2019 में योगेश और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को बसपा से निष्कासित कर दिया गया था। इस बीच उनके भाजपा में भी जाने के कयास लगाए गए लेकिन बात नहीं बनी। अंतत: वह सपा नेता अतुल प्रधान के जरिए सपा में पहुंच गए। योगेश के सपा में जाने से पहला झटका बसपा को नगर निगम में लगा है। निगम के 90 पार्षदों में से 43 भाजपा और 31 बसपा के थे। सपा के सात ही पार्षद थे। जब योगेश बसपा से निष्कासित किए गए तो उनके साथ 11 पार्षद निर्दलीय हो गए और बसपा के पार्षद 20 रह गए। इनमें एक पार्षद की मृत्यु के बाद बसपा पार्षदों की मौजूदा संख्या 19 थी। शनिवार को एक और पार्षद के बसपा छोड़कर सपा में जाने से नगर निगम में सपा पार्षदों की संख्या 19 हो गई है। बसपा पार्षदों की संख्या घटकर 18 रह गई है।
हस्तिनापुर से चुनाव लड़ने की अटकलें
जिला पंचायत की राजनीति में योगेश 2010 और 2015 में सक्रिय थे। अब वह सपा के पक्ष में हस्तिनापुर के साथ सरधना क्षेत्र के भी कुछ इलाकों में बसपा के साथ भाजपा को झटका दे सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि योगेश अगला विधानसभा हस्तिनापुर से ही लड़ेंगे। भाजपा के लिए इससे परेशानी हो सकती है क्योंकि अतुल का साथ पाने के बाद यहां गुर्जर वोटों का बंटवारा तय है, जबकि दोनों विधानसभा क्षेत्र के दलित वोटों पर योगेश की पकड़ है। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण भी सपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। सदस्यता ग्रहण कराने के मौके पर सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह भी मौजूद रहे।
आसपा जिला प्रवक्ता प्रवीण भारती के नाम पर आपत्ति
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में एक नाम गलत लेने पर आसपा ने आपति जताई है। आसपा जिला महासचिव शमीम चौधरी ने बताया कि सूची में आसपा के मेरठ जिला प्रवक्ता प्रवीण भारती सहित कई लोगों का सपा की सदस्यता लेना बताया गया है। यह झूठ है। ये सभी लोग शुक्रवार को मेरठ में थे और आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद में आस्था रखते हैं। प्रवीण ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो व पत्र जारी कर सपा की सदस्यता न लेने का दावा किया है। आसपा नेता बदर अली ने योगेश के सदस्यता ग्रहण में गलत लोगों के नाम लेने पर एतराज जताया है।
मेरठ से नई हवा शुरू हुई
मेरठ का इतिहास 1857 की क्रांति का है। वहां से नई हवा शुरू हुई है। सपा का मुकाबला भाजपा नहीं कर सकती है। भाजपा समाज को बांटने का पाप कर रही है।
- अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा
दल नहीं, दिल भी बदला
दल ही नहीं बदला है, पूरे जिले में सपा को आगे बढ़ाने के लिए दिल लगाकर काम करेंगे। कहावत है कि हस्तिनापुर से जो पार्टी जीतती है, सरकार उसी की बनती है।
- योगेश वर्मा, पूर्व विधायक