सलावा गांव में सालभर पहले हुये जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान भी कूद पड़े हैं। बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी से मिलने पहुंचे अतुल की कप्तान से तीखी झड़प हो गई।
इसके बाद दोनों में काफी देर तक नोकझोंक हुई। सपा नेता ने पुलिस पर भाजपा विधायक के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। पूरे मामले में एसएसपी ने एसपी देहात से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
सरधना थाना क्षेत्र के सलावा गांव निवासी छात्र लक्ष्य पुत्र सुचेत सिंह पर 28 मार्च 2015 को कुछ लोगों ने चाकू से हमला कर दिया था। इसमें छात्र के परिजनों ने सचिन पुत्र यशपाल, अनुराग पुत्र ऋषिपाल और गोपाल पुत्र देवेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में सरधना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लक्ष्य के दादा सूरजपाल का आरोप है कि एक साल से पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। आरोपी कई बार धमकी भी दे चुके हैं। इस मुकदमे के जांच अधिकारी ने आरोपियों की कुर्की का नोटिस चस्पा किया तो उससे विवेचना ही हटा ली गई। आरोप लगाया कि भाजपा विधायक आरोपियों की पैरवी कर कर हैं, जिससे पुलिस दबाव में है।
‘सपा नेता हैं तो मर्यादा में रहकर बोलें’
बृहस्पतिवार को पीड़ित सूरजपाल अन्य लोगों के साथ सपा नेता अतुल प्रधान को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। पूरा मामला सुनने के बाद एसएसपी इंस्पेक्टर सरधना से घटना के बारे में पूछ ही रहे थे कि अतुल और पीड़ित लोग उनसे ऊंची आवाज में बोलने लगे। पीड़ित लोगों द्वारा एक महिला पुलिस अधिकारी के सामने अपशब्द भी कहे गए।
अतुल ने पुलिस पर सरधना विधायक संगीत सोम के दबाव में काम करने का आरोप लगाया तो एसएसपी डीसी दूबे भड़क गए। अतुल को ऊंची आवाज में बोलते देख वह खड़े हुए और फटकार लगाते हुए कहा कि यह एसएसपी ऑफिस है। सपा नेता हैं तो मर्यादा में रहकर बोलें। आपने यह कैसे कह दिया कि हम भाजपा विधायक के दबाव में काम कर रहे हैं।
काफी देर तक चली बहस के बाद एसएसपी ने एसपी देहात को जांच सौंपकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांग ली। इस पर अतुल ने कहा कि बात जोर से कहने की नहीं है, बल्कि वह पीड़ितों की आवाज उठाने आए हैं। इसके बाद अतुल समर्थकों के साथ एसएसपी ऑफिस से निकल आए।
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भाजपा विधायक संगीत सोम के दबाव में पुलिस ने जानलेवा हमले के आरोपी गिरफ्तार नहीं किए। पुलिस आरोपियों की कुर्की की बात क हती है तो विधायक थाने पर चढ़ाई करने की चेतावनी देते हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में एक विधायक को पीड़ित परिवार की भी सोचनी चाहिए। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एसएसपी से शिकायत की है। मैंने महज पीड़ितों की आवाज जोर से उठाई थी। -अतुल प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी छात्रसभा
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एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं किसी के आपसी विवाद में एक पक्ष की सिफारिश नहीं करता। मैं तो सभी का विधायक हूं। मेरे लिए सभी बराबर हैं। -ठा. संगीत सोम, भाजपा विधायक सरधना
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मेरे संज्ञान में यह मामला पहली बार आया है। मुकदमे की विवेचना में निष्पक्ष और प्रमाणिक साक्ष्य के आधार पर एसपी देहात को जांच सौंपकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने पर भी जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। ऑफिस में कुछ लोग तेज आवाज में बोल रहे थे, जिन्हें शांत रहने के लिए कहा था। -डीसी दूबे, एसएसपी