मेरठ। खरखौदा में थाने की जमीन पर बनी मस्जिद हटाने के आदेश पर मुस्लिम समाज के लोग नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन के नेतृत्व में डीआइजी कलानिधि नैथानी व एसएसपी अविनाश पांडेय से बुधवार को मिले। उन्होंने जामा मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक के कागजात दिखाने को दिए गए एक सप्ताह के समय को बढ़ाने की मांग की।
काजी जैनुर राशिद्दीन ने डीआईजी और एसएसपी कार्यालय पर जाकर बताया कि मस्जिद कई सौ साल पुरानी है। उत्तर प्रदेश सुन्नी बोर्ड में इसे 1985 में दर्ज कराया गया था। इसके कागजात मस्जिद के मुतवल्ली अय्यूब खां और उनके बेटे ने पुलिस को दिखाए है। उन्होंने कहा कि जमीन के कागजात दिखाने को दिया एक सप्ताह का समय कम है। उसे बढ़ाया जाए। इसके अलावा जिले के विभिन्न थानों व सरकारी विभागों में मस्जिद बनी हुई है। इस मस्जिद को भी उसी रूप में लिया जाए और हटाया न जाए। डीआइजी ने एसएसपी को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।