- आर्य समाज थापर नगर में रविवारीय सत्संग का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में रविवारीय सत्संग में मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने कहा कि पूर्ण पुरुषार्थ एवं ईश्वर उपासना से ही मनुष्य के दुख दूर हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सांख्य दर्शन के प्रथम सूत्र के अनुसार मनुष्य का परम लक्ष्य आधिदैविक, आधिभौतिक एवं आध्यात्मिक तीनों प्रकार के दुखों से निवृत्ति प्राप्त करना है।
राजेश सेठी ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को अपने जीवन से दुर्गुणों एवं दुर्व्यसनों को हटाने का सतत प्रयास करना चाहिए। परमपिता परमात्मा की उपासना को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में दुखों का मूल कारण राग और द्वेष हैं। दरिद्रता केवल सांसारिक वस्तुओं का अभाव नहीं बल्कि कामनाओं की अतृप्ति है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य वह परम आनंद को प्राप्त हो जाता है तो उसकी सभी कामनाएं समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर की स्तुति, प्रार्थना और उपासना द्वारा आत्मसंतुष्टि प्राप्त करनी चाहिए। मनुष्य को परमेश्वर से दुर्गुणों को दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। यह भी कहा कि प्रार्थना तभी फलदायी होती है जब व्यक्ति स्वयं भी पूर्ण पुरुषार्थ के साथ अपने दोषों को दूर करने का प्रयास करे।
कार्यक्रम में धर्मवीर, प्रीति सेठी, सुमन आनंद, चांद ग्रोवर, सुभाष मल्होत्रा, सुधा सिंह, विदुला सोनी, कमलेश चांदना एवं विमल मरवाह ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ संपन्न हुआ। यजमान राकेश ओबराय एवं श्रवण कुमार आर्य रहे। इस अवसर पर भानु बत्रा, करुणा सागर बाली, कृष्ण कुमार वर्मा, अशोक आनंद एवं प्रदीप सिंघल, मनीष शर्मा रहे।