फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध स्वीमिंग पूल में डूबा व्यापारी का बेटा, हालत गंभीर 

Mon, 08 May 2017 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
स्वीमिंग पूल में डूबने पर गंभीर हालत में युवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराो
विज्ञापन
शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे स्वीमिंग पूल पर निगम अफसरों ने तो कोई कार्रवाई नहीं की। इनके कारण एक जान अस्पताल में मौत से लड़ रही है। रविवार को माधवपुरम सेक्टर-एक निवासी आढ़ती भूषण शर्मा का बेटा उदित (16) माधवपुरम में ही अवैध रूप से संचालित स्वीमिंग पूल में डूब गया। स्वीमिंग पुल संचालक उसको अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हो गया। अस्पताल में उदित वेंटीलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।  
विज्ञापन


उदित रविवार को सुबह सात बजे क्रिकेट मैच खेलने कालोनी में ही गया था। पिता भूषण शर्मा के अनुसार मैच के बाद वह सीधा खत्ता रोड स्थित स्वीमिंग पूल में नहाने चला गया। करीब साढे़ 11 बजे मोहल्ले के कुछ बच्चों ने घर आकर उदित की मां निशा शर्मा को बताया कि उदित खत्ता रोड पर वाटर किंगडम स्वीमिंग पुल में डूब गया है। परिजन तुरंत स्वीमिंग पुल पहुंचे, लेकिन वहां ताला लगा था। आसपास के लोगों ने बताया कि बच्चे को केएमसी अस्पताल में ले गए हैं।

केएमसी अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि 11:45 बजे शाहिद नाम का व्यक्ति बच्चे को एडमिट कराकर गया था। दवाइयों के लिए उसने दो हजार रुपये भी दिए। पूछने पर उसने अपना मोबाइल नंबर भी नहीं बताया। बच्चे की हालत बेहद सीरियस थी। उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटीलेटर पर ले लिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि 24 से 48 घंटे बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। खत्ता रोड निवासी शफीक ने बताया कि चार साल से उसने स्वीमिंग पूल को रशीद नगर निवासी एजाज को किराए पर दिया हुआ है। वही उसे चला रहा है। एजाज का न फोन उठा और न वह खुद मिला।
विज्ञापन


ऐसे लोगों को सजा दिलाकर रहूंगा : पिता 
उदित के पिता भूषण शर्मा ने बताया कि उनके बेटे को इस हालत में पहुंचाने वालों को सख्त सजा दिलाकर रहेंगे ताकि किसी ओर के साथ ऐसा ना हो। इस वक्त पूरा परिवार बच्चे के इलाज में जुटा है। उधर अस्पताल की ओर से भी पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी ने बताया कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

अस्पताल पहुंचे व्यापारी 
मेरठ। उदित के पिता भूषण शर्मा नवीन सब्जी मंडी में आढ़ती हैं। उनके बच्चे के डूबने की खबर मंडी में पहुंचने पर मंडी के व्यापारी भी अस्पताल में उनका हाल जानने पहुंचे।


हादसे की इंतजार में थे अफसर
मेरठ। शहर के गली मोहल्लों में अवैध स्वीमिंग पुल धडल्ले से चल रहे हैं। इनके संचालकों को ना तो नियम कायदे और मानकों की कोई  परवाह है ना सिस्टम का कोई डर। हर साल हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन इन पर कोई लगाम नहीं लगा पा रहा। निगम प्रशासन को भी शायद हादसे का इंतजार था। नियमानुसार स्वीमिंग पुल चलाने के लिए प्रशिक्षित ट्रेनरों का होना जरूरी है, लेकिन इन मानकों का पालन नहीं हो रहा। निगम और एमडीए से कोई अनुमति भी नहीं है। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की बर्बादी अलग से। 19 अप्रैल के अंक में अवैध स्वीमिंग पूल की खबर प्रकाशित करके अमर उजाला ने अफसरों को चेताया था, लेकिन अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी नही समझी। नतीजा सबके सामने है। अफसर जागरूक होते तो ये हादसा नहीं होता। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें