सॉल्वर गिरोह का इससे पहले भी वेस्ट यूपी से बड़ा कनेक्शन रहा है। यूपी एसएसएससी की परीक्षा में भी दिसंबर माह में एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने सॉल्वर गैंग के पांच युवकों को गिरफ्तार किया था। जहां ग्राम विकास अधिकारी के लिए नौकरी के नाम पर मेरठ और बागपत के युवकों ने नौकरी का फर्जी तरह से आश्वासन देकर अभ्यर्थियों से आठ से दस लाख रुपये में ठेका लिया था।
कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में भी एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना भर्ती के नाम पर भी इस तरह के गिरोह द्वारा ठगी किया जाना सामने आ चुका है।
आंसर शीट भी वायरल
सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर एक आंसर शीट भी वायरल हुई है। इस मामले में हालांकि एसटीएफ और पुलिस टीम जांच कर रही है। एक अधिकारी का कहना है यह कहां से वायरल की गई है, इसकी जांच की जा रही है।
अजय की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी टीम
अब सिपाही अरुण कुमार के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ की टीम अजय की भी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है। रात में एसटीएफ ने एक अन्य युवक की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी है। एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश सिंह का कहना है कि एसटीएफ ने लखनऊ और प्रयागराज में जो गिरफ्तारी की, उन आरोपियों से पूछताछ में कई बातें सामने आईं।
मेरठ में भी अजय कुमार सिंह की तलाश के लिए एसटीएफ टीम लगी हुई है। अजय की गिरफ्तारी के बाद ही अन्य युवकों के बारे में पता चल सकेगा कि मेरठ के भूगर्भ विभाग में अधिकारी अजय कुमार सिंह के संपर्क में कौन-कौन हैं।
वेस्ट में फैला भर्ती और नकल माफिया का गैंग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नकल और भर्ती माफिया का गैंग फैला हुआ है। उत्तर प्रदेश में कोई भी प्रतियोगी परीक्षा हो फर्जीवाड़ा सामने आने पर कहीं न कहीं उसके पश्चिमी उत्तर प्रदेश से तार जुड़ जाते हैं। हाल ही में आयोजित वीडीओ की परीक्षा में हुई आरोपियों की धरपकड़ में बागपत का राणा गैंग पिछले दिनों चर्चाओं में रहा था।
एसटीएफ के अनुसार ये आरोपी कोचिंग सेंटरों के जरिये अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे माफिया परीक्षा में पास कराने या फिर नौकरी लगवाने का लाखों रुपये में सौदा करते हैं।