वातावरण में कितना ध्वनि प्रदूषण घुल रहा है और कितनी ऊंचाई तक है। इसका पता लगाने के लिए जल्द ही जिले में सोडार स्टेशन बनाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने एनपीएल (नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी) को दी है। इसके लिए टीम सर्वे भी कर चुकी है। स्टेशन मोदीपुरम स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय पर बनाया जाएगा।
सहायक क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि सोडार स्टेशन के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण का हर लेवल का पता चल सकेगा। अभी तक यह जमीनी स्तर पर ही नापा जाता था। इस स्टेशन के लगने से हवा में कितनी ऊंचाई तक और किस लेवल का ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, इसका पता चल सकेगा। सोडार स्टेशन बनाने के लिए एनपीएल की टीम क्षेत्रीय कार्यालय पर सर्वे भी कर चुकी है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि लगातार ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है। वातावरण में इसका बढ़ना ठीक नहीं है। ध्वनि प्रदूषण से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है।
दिल्ली में होंगे पांच केंद्र
ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए मेरठ और बुलंदशहर में एक-एक और दिल्ली में पांच केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद अन्य केंद्रों में भी इन्हें बनाया जाएगा।