मेरठ में परतापुर के भूड़बराल गांव में हरियाणा मार्का शराब पकड़े जाने के बाद फिर साबित हो गया है कि जनपद में शराब तस्कर पूरी तरह सक्रिय हैं। जानी के मीरपुर जखेड़ा गांव में शराब से तीन मौतों के बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ाने का दावा किया था, जो हवा-हवाई साबित हुआ है। सड़क के रास्ते लाई भी जा रही शराब तस्करों के गोदाम तक सुरक्षित पहुंच रही है।
मीरपुर जखेड़ा में देशी शराब से तीन ग्रामीणों की मौत के बाद कई दिन हंगामा चला था। बाद में पुलिस प्रशासन ने शराब तस्करों पर सख्ती बरतने का भरोसा दिलाया, लेकिन गुरुवार को भूड़बराल गांव में मिली तस्करी की शराब ने दावों को झुठला दिया। आबकारी विभाग ने मामले का भंडाफोड़ किया, लेकिन पुलिस को इसकी भनक क्यों नही लग पाई, जबकि गजियाबाद से परतापुर के भूड़बराल तक पुलिस की दर्जनों चेक पोस्ट व चौकियां हैं। मामले का खुलासा होने के बाद बीट कांस्टेबल के साथ-साथ परतापुर थाने की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
भूड़बराल में तस्करी की शराब पकड़े जाने के चंद घंटे बाद ही आरोपियों के पक्ष में सिफारिशी फोन आने लगे थे। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। सत्त्ता का डर दिखाकर कुछ तथाकथित नेता कार्रवाई न करने का दबाव बनाते रहे। हालांकि मुकदमा रात में ही दर्ज हो गया था।
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शराब तस्करों के खिलाफ अभियान जारी है। अब ग्राम प्रधान व लेखपालों को भी इसका जवाब देना होगा।
- आलोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
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