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पहाड़ों पर बर्फबारी: तेज हवा और बारिश ने मैदानी क्षेत्रों में बढ़ाई ठंड, सीजन में सबसे ठंडी रही शनिवार की रात

Mon, 09 Dec 2024 12:22 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्दी का सितम बढ़ने लगा है। शनिवार को जहां सीजन की सबसे ठंडी रात रिकाॅर्ड की गई, जबकि रविवार को बारिश के कारण ठंड का सितम और बढ़ गया है।
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औली में बर्फबारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मोदीपुरम पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद रविवार रात हवा के साथ बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। शनिवार की रात सीजन में सबसे सर्द रही। रात का न्यूनतम तापमान 11.8 से गिरकर रविवार को 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान की इस गिरावट के साथ ही पिछले 11 साल का रिकार्ड टूट गया। सोमवार से सर्दी का सितम और बढ़ने के आसार हैं।

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रविवार को बढ़ी हवा की गति, रात को हुई बारिश
रविवार को हवा की गति भी बढ़ी। दोपहर बाद से शाम तक तो हवा की रफ्तार सात से 10 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार से कोहरा पड़ने की भी संभावना है। इससे मौसम में बदलाव आएगा और ठंड बढ़ेगी। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ेगी। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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सर्द हवा ने बढ़ाई ठिठुरन - फोटो : अमर उजाला
एक्यूआई भी सुधरा
शहर का एक्यूआई स्तर 200 के नजदीक रहा। रविवार को शहर का एक्यूआई 182 दर्ज किया गया। गंगानगर में 162, जयभीमनगर में 210, पल्लवपुरम में 169, दिल्ली रोड पर 192, बेगमपुल पर 187 एक्यूआई का स्तर दर्ज किया गया। बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर में गिरावट की संभावना है।
 
रबी की फसलों को होगा फायदा
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश और ठंड वाला यह मौसम रबी की फसलों के लिए बेहतर है। इन दिनों ऐसी फसलों को कम तापमान की जरूरत होती है। गेहूं, गन्ना, आलू, सरसो, मटर और सब्जियों की खेती के लिए भी ऐसा मौसम अच्छा है। इस बारिश से पौधों को वातावरण से प्राकृतिक नाइट्रोजन फिक्सेशन प्राप्त हो सकेगी। यह बरसात पौधों को प्राकृतिक तरीके से पर्याप्त नाइट्रोजन उपलब्ध कराती है। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ता है।
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