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मुस्कान ही हर दुख का समाधान: जया किशोरी

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सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला जीवांजलि कार्यक्रम में जया किशोरी 
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने अपने ‘जीवांजलि- विचारों से बदलाव तक’ प्रवचन सत्र में सकारात्मकता का दीप प्रज्वलित किया तो वहां उपस्थित जनसमूह का संसार की असल सच्चाई से साक्षात्कार हो गया। “राधे-राधे” के मंगलोच्चार से आरंभ करते हुए प्रेरक वक्ता ने कहा कि वर्तमान युग की सबसे बड़ी तपस्या है मन को प्रसन्न रखना।
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जया किशोरी ने विचारशील श्रोताओं से पूछा कि पॉजिटिव का क्या मतलब है। उत्तर में स्वयं ही बोलीं, खुश रहो। जीवन में सदा खुशी नहीं मिलती। हमें मन के अनुसार न होने पर दुख भी होता है। मुस्कान ही हर दुख का समाधान है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि समस्या को स्वीकार कर समाधान निकालना पॉजिटिविटी है। ट्रेन में सफर के दौरान एक व्यक्ति के ठंडे दिमाग वाले कमेंट पर उन्होंने कहा, तकलीफ का मतलब रोना नहीं है। समाधान ढूंढना होगा।


- जिंदगी काटनी होगी, हंसकर या रोकर
- जया किशोरी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति के 10 लाख में से 5 लाख चोरी हो गए। उन्होंने कहा कि अब रोने से क्या होगा। बचा हुआ धन देखकर खुश रहो। अगर वह भी चला जाता तो क्या होता। जिस दूसरे व्यक्ति को पांच लाख मिले वह तो खुश ही रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया किसी के लिए नहीं रुकती। माता-पिता चले जाएं तो भी जीवन चलता रहता है। जितनी जिंदगी लिखी है उतनी काटनी पड़ेगी। हंसकर काटो या रोकर। रास्ता खराब हो तो झटके सहो या अच्छे गाने सुनो। ऐसा महसूस करो की रेगिस्तान में ऊंट की सवारी कर रहे हो। बंगला खरीदा है और गाड़ी खरीदी है तो उसका आनंद लो वरना अहंकार के कमरे में बंद हो जाओ। दो हजार करोड़ कमाने वाले अंतिम समय में भगवान को याद करते हैं। उनसे प्रश्न किया, पहले क्यों याद नहीं किया। शास्त्र तो हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं।
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कॉर्पोरेट और स्कूलों में अपनाई जा रही श्रीमद्भगवद्गीता
सत्र के दौरान जया किशोरी ने आध्यात्मिक व्यक्ति की पहचान पूछी। तो किसी ने टीका लगाना, वेद पाठ पढ़ना तो कुछ और बताया। तब जया किशोरी ने श्रीमद्भगवद्गीता को सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक ज्ञान बताया। यह ग्रंथ कॉर्पोरेट और स्कूलों में अपनाया जा रहा है। अर्जुन को गीता सुनाई गई न कि वनवास का आदेश दिया गया। न ही उसे वैरागी बनने के लिए। धन कमाने पर असलियत सामने आती है। बुरा इंसान तो बुरा ही होता है। व्यक्ति का स्वभाव कभी नहीं बदलता। धन आने से पहले वह उसे डर के कारण छिपाकर रखता है।



- युवा धन से दूर होगा तो देश कैसे बनेगा सोने की चिड़िया
- भारत को पहले सोने की चिड़िया कहा जाता था। आज देश को सोने की चिड़िया बनाना है तो युवाओं को पैसे से दूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेशक युवाओं को आध्यात्मिक बनाना भी जरूरी है। भगवान विष्णु के 24 अवतारों का जिक्र कर उन्होंने कहा कि समय के साथ अवतार बदलते हैं। राम मर्यादा सिखाते हैं, कृष्ण कहते हैं तुम अच्छे तो मैं अच्छा, बुरे तो दोगुना बुरा हूं। सनातन धर्म श्रेष्ठ है।



- कब बोलना है यह पता होना जरूरी
- वर्तमान युग में भगवान का नाम जप ही तपस्या है। हर मनुष्य का प्रश्न पत्र अलग है। चीटिंग नहीं हो सकती। स्वाभिमान और अहंकार में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा सफलता के बाद अहंकार आता है लेकिन कुछ न होने पर भी सिद्धांत न छोड़ना स्वाभिमान है। गुस्सा आने पर स्वाभिमान अहंकार बन जाता है। हमें यह पता होना चाहिए कि कब बोलना है और कब नहीं बोलना है।

कथा सार
जीवन उतना ही सुंदर है, जितना हमारा दृष्टिकोण।
मुस्कान ही मन की पूजा है।
सकारात्मकता ईश्वर तक पहुंचने का सेतु है।
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प्रश्नमाला
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प्रश्न: पिंकी चिन्योटी ने पूछा- स्वाभिमान और अहंकार में अंतर क्या है।
उत्तर: कुछ प्राप्त होने पर अहंकार आता है। नहीं तो अपने सिद्धांत का उदाहरण देते हो। अहंकारवश गुस्सा आता है। स्वाभिमान नहीं खोना चाहिए पर अहंकार को भी मत पालो।
प्रश्न: अभिषेक कौशिक ने पूछा- अच्छी सोच क्या होती है।
उत्तर : अच्छी सोच वह है जो हमारे दयालु स्वभाव को दिखाती है। अच्छी सोच के लिए दिन की शुरुआत में पांच मिनट स्वयं को देना आवश्यक है।
प्रश्न: नवीन अरोड़ा- ने पूछा, ईश्वर के नजदीक कैसे जाएं।
उत्तर: जया किशोरी ने अपने जीवन से जुड़ी एक घटना को बताते हुए कहा कि बचपन में हम गलती करते हैं। बचपन में मैंने भी गलती की थी। तब घर में लगी भगवान की तस्वीर मुझे गुस्से में दिखती और परिजनों के सामने गलती स्वीकार कर लेती।
प्रश्न: अभिषेक ने पूछा- टाइम मैनेजमेंट क्या होता है।
उत्तर: टाइम मैनेजमेंट को अपने अनुशासन से जोड़ सकते हैं। नियम बांधेंगे तो हम टाइम मैनेजमेंट को सीख जाएंगे। प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ो। यह नियम बनाओ। चाहे सड़क पर वाहन चलाते हुए ही पढ़ लो।
प्रश्न: सौरभ जिंंदल और परिमल ने स्वयं की शक्ति जागृत करने के विषय में पूछा।
उत्तर: जया किशोरी ने गीता और अन्य ग्रंथों का उदाहरण देते हुए कहा कि मनुष्य में सात्विक, राजसिक और तामसिक तीनों गुण हैं। अच्छा खानपान, नियमित दिनचर्या और अन्य जानकारी के लिए गीता जरूरत पढ़ो।

छात्राओं की प्रस्तुति ने किया मंत्रमुग्ध
मेरठ। कार्यक्रम में शिवांगी संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने श्रीगणेश भजन शुभ घड़ी प्रथम गणेश को मनाएं गीत के साथ कार्यक्रम आरंभ किया। श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन गीत पर सुंदर प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति के अंत में तीन ताल में कथक शुद्ध नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का मनमोह लिया। इस अवसर पर रुचि बलूनी, गुन गोयल, आरोही बलूनी, देवासी यादव, वर्णिका पटेल, श्रृंगवी यादव, आरोही, ऋषिका चौधरी, वत्सल रहीं।

ये रहे विराजमान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, संयुक्त व्यापार संघ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, चिल्ड्रन चॉइस से अरुण अग्रवाल, पिंकी चिन्योटी आदि रहे। जया किशोरी को प्लांट और राधा-कृष्ण की मूर्ति नीरज मित्तल व रीता मित्तल ने भेंट की। इनके अलावा महावीर विश्वविद्यालय से कुलपति यश कौशिक एवं प्रशासनिक डायरेक्टर अभिषेक कौशिक एवं महावीर एजुकेशन से मनिका भारद्वाज, प्रियंका भारद्वाज, सिद्धि कौशिक, रेंडम लेडीज क्लब से शैली गुप्ता, चारु अग्रवाल, हीरा एडवरटाइजिंग से परिमल चंद्र, राधा गोविंद से मनोज गुप्ता, मीरा ज्वेलर्स से आयुष सिंघल, ऋषभ एकेडमी से डॉक्टर संजय जैन, रामचंद्र साईं से विपिन गुप्ता, मेरा फाउंडेशन से पूजा चौधरी, अपेक्स बिल्डर से अतुल गुप्ता, एसआरएस सर्जिकल से डॉ. अंशुल बिश्नोई, बिश्नोई ऑटो से संदीप बिश्नोई, काले कुल्फी से दिवाकर गोयल और अमित, अमित मूर्ति, आदेश फौजी, आलोक गौतम, राकेश माहेश्वरी उपस्थित रहे।

सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला जीवांजलि कार्यक्रम में जया किशोरी 

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