स्मार्ट सिटी की मांग को लेकर शुरू हुए जनांदोलन ने शुक्रवार को जोर पकड़ लिया। जनता इस हक को पाने के लिए सड़क पर उतर आई है। बृहस्पतिवार को बेगमपुल चौराहे पर मानव शृंखला बनाकर शुरू हुए इस जनांदोलन के दूसरे दिन सूरजकुंड स्थित महापौर कैंप कार्यालय से वाहन रैली निकाली गई।
अमर उजाला में छपे मेरा मेरठ-मेरा हक, स्मार्ट सिटी लिखे स्टिकर निगम के पार्षदों ने दोपहिया और चौपहिया वाहनों पर लगाए। स्मार्ट सिटी के पक्ष में लगे नारों से शहर गूंज उठा।
स्मार्ट सिटी का हक पाने के लिए शहर की जनता अब उठ खड़ी हुई है। केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों को जगाने की जनता ने कसम खा ली है। क्रांतिधरा के इस आंदोलन में ‘अमर उजाला’ भी हर कदम पर साथ है। जिसमें कोई एक वर्ग नहीं बल्कि व्यापारी, उद्यमी, एडवोकेट, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, नगर निगम के पार्षद, किसान और मजदूर सभी शामिल हैं। किसी भी कीमत पर स्मार्ट सिटी को लेना चाहते हैं।
शुक्रवार को नगर निगम के पार्षद हरीश कुमार, राजकुमार मुन्ना, पंकज कतीरा, सहंसर पाल, पूर्व पार्षद जगपाल सिंह बौद्ध, भरत सिंह सैनी, कपिल सहगल, नवनीत सैनी आदि ने सूरजकुंड स्थित महापौर कैंप कार्यालय के बाहर दोपहिया और चौपहिया वाहनों पर अमर उजाला में छपे मेरा मेरठ-मेरा हक, स्मार्ट सिटी के स्टिकर चिपकाए।
इसके बाद यहां से नारेबाजी करते हुए वाहन रैली निकाली। इसके अलावा शहर के अन्य कई इलाकों में भी ये स्टिकर लगाए गए। जनता ने सरकार को जगाने के लिए हर क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिया है। हस्ताक्षर अभियान की भी शुरूआत हो चुकी है। इतना ही नहीं, शहर की जनता ने केंद्र सरकार को पत्र लिखने में भी कसर नहीं छोड़ी है।