स्मार्ट सिटी का हक पाने के लिए क्रांतिधरा पर जनांदोलन का झंडा बुलंद होने जा रहा है। कचहरी स्थित नानक चंद सभागार में बुधवार को शहर के जिम्मेदार और बुद्धिजीवी वर्ग ने शिरकत कर इस आंदोलन की रूपरेखा बनाई। इसका बिगुल बृहस्पतिवार (आज) बेगमपुल पर शाम 5:30 बजे बेगमपुल पर मानव श्रृंखला बनाकर फूंका जाएगा। हस्ताक्षर अभियान भी चलेगा और वाहनों पर स्टीकर भी लगेंगे। आंदोलन को धार देने के लिए जन प्रतिनिधियों को घेरा जाएगा। कमिश्नरी पर विशाल सभा होगी। संकल्प लिया गया कि लक्ष्य स्मार्ट सिटी है, जिसे हर हालत में हासिल किया जाएगा।
आयोजित बैठक में वकील, चिकित्सक, व्यापारी, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और किसान जुटे। सभी ने केंद्र और राज्य सरकार पर मेरठ के साथ सौतेला व्यवहार करने और नेताओं पर ओछी राजनीति करने के आरोप लगाए। जहां भाजपा और सपा के नेताओं को घेरा। वहीं, शहर की अस्मिता से जुड़े इस विषय पर चुप्पी साधने पर बसपा, रालोद और कांग्रेस के नेताओं से भी जवाब मांगा। वक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने से शहर में खुशहाली आएगी। इसके लिए सभी को एकजुट होकर आंदोलन शुरू करना है। यह आंदोलन किसी राजनैतिक दल के बैनर तले नहीं बल्कि संघर्ष समिति के तत्वावधान में होगा। बैठक का संचालन नवीन प्रधान ने किया।
गुजरात में स्मार्ट सिटी एक्सपोजर विजिट
नगर निगम प्रशासन को गुजरात में स्मार्ट सिटी एक्सपोजर विजिट के लिए बुलाया गया है। केंद्र और राज्य सरकार मेरठ को स्मार्ट सिटी मिशन के चयनित शहरों में होना साबित कर रही है। स्मार्ट सिटी को लेकर कार्यशाला रही हों या फिर एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम, सभी में प्राथमिकता पर बुलाया जा रहा है। आगामी 11 सितंबर से तीन दिवसीय कार्यक्रम अहमदाबाद में होगा। जिसमें अहमदाबाद एवं गांधीनगर के मध्य जीआईएफटी द्वारा विकसित स्मार्ट सिटी के बारे में बताया जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने मेरठ नगर निगम के नगरायुक्त को बुलावा पत्र भेजा है। जिसमें उप्र के रायबरेली सहित 14 शहरों के नगरायुक्त और अधिशासी अधिकारियों को बुलाया गया है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चयनित नगरों के कंसलटेंटों के चयन हेतु आरएफसी डाक्यूमेंट्स की स्वीकृति के लिए क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र में एक बैठक की गई थी। जिसमें स्मार्ट सिटी की अवधारणा की जानकारी के लिए आगामी 11 से 13 सितंबर के मध्य एक एक्सपोजर विजिट करने का निर्णय लिया गया। एक्सपोजर विजिट गुजरात टेक्निकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। नगरायुक्त उमेश प्रताप, चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय आदि अधिकारी एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं।