स्मार्ट सिटी बनने से महानगर में जहां उद्योग धंधों की भरमार होगी, वहीं रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। इतना ही नहीं शहर की यातायात व्यवस्था भी ठीक हो जाएगी। स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में स्पोर्ट्स, कैंची, ट्रांसफार्मर, ज्वैलरी, पावरलूम आदि उद्योगों को प्राथमिकता पर लिया गया है। जिनके माध्यम से शहर की आर्थिक स्थिति को दर्शाया गया है।
स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम और कंसलटेंट मिलकर प्रपोजल तैयार कर रहे हैं। जिसमें शहर के उद्योग, यातायात, सफाई, पानी, सीवर, सड़क, सुरक्षा, आदि को शामिल किया गया है। इनमें कूड़ा निस्तारण प्लांट और एलईडी भी शामिल हो गए हैं। दोनों ही योजनाओं पर अगले माह से कार्य शुरू हो जाएगा। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने शनिवार को दोनों ही कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दे दिए कि वह कार्य की शुरुआत करके योजनाओं को नया आयाम दें। शनिवार को नगर निगम प्रकाश मार्ग विभाग के चेयरमैन आशु रस्तोगी और पार्षद सुधीर पुंडीर भी बैठक में उपस्थित रहे। बता दें कि 24 मार्च को मेरठ के प्रपोजल पर लखनऊ में मंथन होना है। 31 मार्च को फाइनल प्रपोजल केंद्र सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
नगरायुक्त को सौंपे फार्म
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने स्मार्ट सिटी की वोटिंग के लिए भरवाए गए फार्म शनिवार को नगरायुक्त कैंप कार्यालय पहुंचकर नगरायुक्त को सौंपे। ताकि फार्म समय से फीड करके वोटिंग बढ़ाई जा सके।