शनिवार को गैस एजेंसियों की ऑनलाइन बुकिंग आंशिक रूप से सुधरी, लेकिन सर्वर पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाए। इस कारण एजेंसियों पर लोगों की भीड़ लगी रही।पीएनजी कनेक्शन धारक भी अपने पुराने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे हैं। उधर, जिलापूर्ति विभाग की ओर से गठित टीमों ने एजेंसियों पर सिलिंडर की उपलब्धता की जांच भी की।
बिना गैस बुक किए ही बुकिंग के मैसेज
कंकरखेड़ा की शिवलोक कॉलोनी निवासी रजनीश कौशल ने बताया कि उन्होंने जनवरी से सिलिंडर बुक नहीं किया, इसके बाद भी उनके मोबाइल में गैस सिलिंडर बुकिंग के मैसेज पहुंच रहे हैं। इसकी शिकायत गैस एजेंसी संचालक से की गई है। इसी तरह से शास्त्रीनगर निवासी संदीप का कहना था कि उनके पास भी बिना बुक किए ही सिलिंडर बुक करने का मैसेज पहुंचा है।
रमजान के चलते एजेंसियों पर अधिक भीड़
रमजान महीने में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में गैस एजेंसियों पर भीड़ अधिक उमड़ रही है। ईद निकट देखकर लोग गैस के सिलिंडर इकट्ठे कर रहे हैं, ताकि अचानक संकट का सामना ना करना पड़े। लोगों का कहना है कि रमजान के महीने में भी उन्हें गैस मिलने में देरी हो रही है। इसलिए अपने काम छोड़कर गैस सिलिंडर लेने के आ रहे हैं। हापुड़ अड्डे के पास तिरंगा गैस एजेंसी पर गैस बुक कराने के लिए लोग लंबी लाइन में लगे रहे। लोगों की लाइन सड़क तक पहुंच गई।
पीएनजी कनेक्शन धारक भी ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे
मेरठ महानगर में लगभग 55 हजार लोगों के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन हैं। पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद भी लोगों ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन बंद नहीं कराए। इस कारण ये कनेक्शन अस्थाई रूप से बंद चल रहे हैं। मेरठ में पीएनजी लाइन सुचारू चल रही है। इसके बाद भी दहशत में आए पीएनजी कनेक्शन धारक भी एलपीजी सिलिंडर लेने एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
आज बहाल हो सकती है 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस सप्लाई
पूर्ति विभाग का कहना है कि रविवार की सुबह से मेरठ जिले में कुल मांग की 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है। इससे कमर्शियल गैस की कमी से जूझ रहे होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयों को थोड़ी राहत मिलेगी। ऐसी हालत में कुछ दिनों में पूरी कमर्शियल गैस सप्लाई बहाल होने की उम्मीद जगी है।
कोट
मेरठ में इस समय 50 हजार सिलिंडर हर समय उपलब्ध है। कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। इस समय पूरा जोर व्यवस्था बहाल करने पर दिया जा रहा है। विनय कुमार सिंह,जिलापूर्ति अधिकारी।