साकेत स्थित आईटीआई के मैदान में चल रहे सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव में प्रवचन सुनाते बाबा रामद
उज्जैन स्थित वाल्मीकि आश्रम के पीठाधीश्वर व राज्य सभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने शनिवार को कहा कि मुस्लिम अपनी परंपरा का पालन करते हैं तो हिंदुओं को भी अपने सोलह संस्कारों को जानना चाहिए। युवाओं में पश्चिमी सभ्यता की नकल घातक है। मोदी और योगी के शासन काल में मठ- मंदिर, अयोध्या, मथुरा, काशी और उज्जैन सब सुरक्षित होंगे।
साकेत स्थित आईटीआई में आयोजित सनातन जागृति संस्कृति महोत्सव में उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा हर सनातनी के हृदय में गहराई से पहुंचे, इसके लिए प्रयास होना चाहिए। यह परंपरा युगों-युगों तक चलती रहे। हर संत चाहता है कि सनातन की परंपरा लहराती रहे। सनातनी माताओं के बारे में उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चे को जन्म से युवावस्था तक संस्कार देती हैं। यह संस्कार ही हमारी संस्कृति है। उन्होंने कहा कि अध्यात्म और भारतीय संस्कृति को बढ़ाएं, पाश्चात्य सभ्यता से लगाव स्वत: खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग पांच वर्ष की आयु में अपने बच्चे को नियमों को ज्ञान देते हैं। सनातनी अपने बच्चों को 16 संस्कारों का ज्ञान नहीं देते। संस्कार प्राप्त करने के लिए गुरु की शरण में भेजने का कर्तव्य माता का ही होता है। जो गुरु की शरण में नहीं जाता वह दुर्भाग्य को प्राप्त करता है। बालक की क्या भूमिका रहेगी यह गुरु ही तय करता है। आज मेरठ में हो रहा यह आयोजन देश में सनातन को अग्रणी करेगा। सनातनी परंपरा को मुख्य धारा से जोड़ेगा।
इनसेट
भारत में सदा लहराती रहेगी भगवा पताका
भारत में सदा भगवा पताका लहराती रहेगी। अयोध्या, मथुरा, काशी को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है आप भी जागो। सनातनी हो तो जीवन में सनातन को अपनाओ।