बुखार से छह लोगों की मौत
खरखौदा/दौराला/सरधना। कस्बा खरखौदा में चार दिन से बुखार से पीड़ित दो महिलाओं सहित तीन लोगों का ऑक्सीजन स्तर घटने से मौत हो गई। जिनका खरखौदा में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, दौराला क्षेत्र के गांव लोईया में बुखार से पांच दिन में पांच लोगों की मौत हो गई है। सरधना क्षेत्र के भी दो लोगों की मौत बुखार से हुई है। खरखौदा के मोहल्ला तिहाई निवासी चिर पाली (65) पत्नी ओमी पिछले चार दिन से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार सुबह ऑक्सीजन स्तर घटने के कारण उनकी मौत हो गई। वहीं कस्बा खरखौदा में रह रहे बागपत जिले के गांव पिलाना निवासी नरेंद्र त्यागी (65) पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित था, जिसकी शनिवार सुबह मौत हो गई। वहीं, कस्बा खरखौदा में ही माता मोहल्ला निवासी (65) महिला भी कई दिन से बुखार से पीड़ित थी, जिसकी शनिवार को मौत हो गई।
वहीं, दौराला ब्लॉक के लोईया गांव में बुखार ने अपनी जड़ जमानी शुरू कर दी है। अधिकतर ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। पिछले पांच दिन में पांच ग्रामीणों महेंद्री, बाती, नसरीन व अजयपाल की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। वहीं, बुखार से पीड़ित सुमरती ने भी शनिवार को दम तोड़ दिया। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। परंतु, गांव में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने गांव में कैंप लगाने व पुलिस गश्त कराने की मांग की है। सीएचसी प्रभारी डॉ. आशुतोष का कहना है कि जल्द कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच की जाएगी।
उधर, सरधना में बुखार से अटेरना निवासी सुंदर (28) पुत्र जयपाल की गाजियाबाद में मौत हो गई। वह गाजियाबाद में नौकरी करता था। वह चार-पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। गांव चांदना निवासी पवन (50) पुत्र ओमप्रकाश की बुखार से मौत हो गई। पहले इसकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। बाद में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे बुखार हुआ था।
अर्थी को नहीं मिल रहे चार कंधे
खरखौदा। कोरोना महामारी से लोग इतने डर और घबरा गए हैं कि किसी व्यक्ति की मौत किसी अन्य बीमारी से हुई है या कोरोना संक्रमण से, कोई भी व्यक्ति इस समय अर्थी को कंधा देने के लिए तैयार नहीं हैं। कस्बा खरखौदा में शनिवार को यह सब देखने को मिला। महिला की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने अर्थी को कंधा देना गवारा नहीं समझा। जबकि महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि भी नहीं हुई थी। परिजन अर्थी को बुग्गी में रखकर श्मशान घाट तक ले गए और दाह संस्कार किया।