नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित
मेरठ। पिछले डेढ़ साल से अपूर्ण चल रही नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों काचुनाव सोमवार को हुआ। चुनाव में छह सदस्यों के मैदान में रह जाने के बाद सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। महापौर और भाजपा खेमे ने बराबर तीन-तीन सदस्य बांट लिए। अब कार्यकारिणी में महापौर खेमे के सात और भाजपा के पांच सदस्य हो गए हैं। कार्यकारिणी में 12 सदस्यों का कोरम पूरा हो गया है।
नगर निगम की कार्रवाई को चलाने के लिए कार्यकारिणी चुनी जाती है। इसमें 12 सदस्य होते हैं। नियमानुसार हर साल इस कार्यकारिणी में से छह सदस्य लाटरी सिस्टम से बाहर हो जाते हैं और चुनाव के बाद नए सदस्य कार्यकारिणी में शामिल होते हैं। कार्यकारिणी करीब डेढ़ साल से अपूर्ण चल रही थी। लाटरी द्वारा छह सदस्यों के बाहर होने के बाद केवल छह सदस्य बचे थे। गत 31 अगस्त और 3 सितंबर को चुनाव स्थगित होने के बाद सोमवार को चुनाव कार्यक्रम रखा गया था। नगर निगम के टाउन हाल स्थित तिलक भवन में भाजपा की तरफ से चार पार्षदों ललित नागदेव, सुनीता प्रजापति, विपिन जिंदल और संदीप रेवड़ी ने नामांकन किया। महापौर खेमे के सर्वदलीय पार्षद दल की तरफ से पांच पार्षदों अब्दुल गफ्फार, रंजन शर्मा, सितारा बेगम, प्रदीप और रवींद्र ने नामांकन किया। छह सीटों के लिए नौ पार्षदों के नामांकन करने से नगर निगम अधिकारी चुनाव की तैयारी में जुट गए। वहीं, दोनों खेमे अपने सदस्यों को निर्विरोध घोषित कराने के लिए बाकी सदस्यों को बैठाने में लग गए। नाम वापसी समय 12:30 बजे था। उससे पहले ही भाजपा की तरफ से वार्ड-62 के पार्षद विपिन जिंदल और महापौर खेमे की तरफ से वार्ड-18 के पार्षद रवींद्र, वार्ड-27 के पार्षद प्रदीप ने नामांकन वापस ले लिया। दोनों खेमों से तीन-तीन पार्षद मैदान में रह गए। चुनाव अधिकारी एवं अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन ने भाजपा से ललित नागदेव, सुनीता प्रजापति और संदीप रेवड़ी और महापौर खेमे के सर्वदलीय पार्षद दल से अब्दुल गफ्फार, सितारा बेगम और रंजन शर्मा को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। महापौर सुनीता वर्मा और नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने सभी विजयी सदस्यों को प्रमाणपत्र सौंपे।
सांसद-विधायकों को मतदान का मौका नहीं
नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में वोट देने के लिए नगर निगम क्षेत्र में निवास करने वाले सांसद और विधायक पदेन सदस्य होते हैं। शहर में आठ पदेन सदस्य हैं। सोमवार को होने वाले चुनाव के लिए दोनों खेमों के पदेन सदस्य वोट देने के लिए तैयार बैठे थे, लेकिन निर्विरोध निर्वाचन के चलते पदेन सदस्यों को वोट का मौका नहीं मिल सका।
दोनों खेमों का था बराबर का पलड़ा
नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में दोनों खेमों का पलड़ा बराबर का था। चुनाव के लिए महापौर और 88 पार्षदों समेत 89 निर्वाचित सदस्य और आठ पदेन सदस्य (सांसद और विधायक) समेत 97 वोट थी। भाजपा के पास 43 पार्षद और छह पदेन सदस्यों समेत 49 वोट थी। महापौर खेमे के पास 46 निर्वाचित सदस्य और दो पदेन सदस्यों समेत 48 वोट थी। एक सदस्य को जीतने के लिए 16 वोट की आवश्यकता थी। इस हिसाब से दोनों खेमों का पलड़ा बराबर का था। दोनों खेमों ने निर्विरोध चुनाव कराकर तीन-तीन सीट आपस में बांट ली।