व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में छह गिरफ्तार
मेरठ। भावनपुर पुलिस ने किराना व्यापारी हारून से रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जल्द पैसा कमाने के लिए उन्होंने रंगदारी की योजना बनाई थी। एक आरोपी लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी रहा था।
पुलिस के अनुसार 11 जुलाई को एक बदमाश बाइक से हारून की दुकान पर पहुंचा और एक चिट्ठी थमाकर लौट गया। चिट्ठी खुलते ही हड़कंप मच गया। हारून से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पीड़ित किराना कारोबारी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। कई फोन सर्विलांस पर लगाए गए। शुक्रवार को बदमाशों ने हारून को फोन किया और रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद पुलिस ने नंबर ट्रेस कर लिया और उसे जारी कराने वाले इमरान नाम के शख्स को पकड़कर पूछताछ की। इसके बाद पूरा मामला खुल गया। इंस्पेक्टर भावनपुर नीरज मलिक ने बताया कि मामले की मुख्य कड़ी जई निवासी खुशी गांधी और आजाद हैं। उन्होंने बताया कि जल्द पैसा कमाने के चक्कर में यह प्लान तैयार किया गया था। इसके लिए उन्होंने अगवानपुर के नौशाद और अहमद को साथ लिया।
इन चारों ने एक साथी शारिक निवासी चितवाना शेरपुर थाना परीक्षितगढ़ से संपर्क किया। शारिक ने ही इन सभी की मुलाकात सिम विक्रेता इमरान से कराई। इमरान को पैसे का लालच देकर फर्जी आईडी पर सिम जारी करा लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि खुशी गांधी के बारे में कुछ अन्य तथ्य सामने आए हैं। वह लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी रह चुका है। इसके अलावा नकली नोट छापने के मामले में भी यह जेल जा चुका है। दोनों मामलों की पुष्टि की जा रही है। सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने बताया कि सभी आरोपी गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए हैं।