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वकील हत्याकांड: पिता बोले- मेरा तो सब कुछ बर्बाद हो गया, परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल

Fri, 25 Oct 2019 12:18 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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शामली में आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव सिक्का निवासी अधिवक्ता गुलजार अहमद की हत्या के दूसरे दिन गांव में गम का माहौल बना रहा। मृतक के घर पर लोगों की भीड़ लगी रही। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मां, पत्नी, पिता रोते बिलखते रहे। जवान बेटे की हत्या पर पिता बार-बार यही कहते रहे मैं तो उजड़ गया, मेरा तो सब कुछ बर्बाद हो गया, बेटा हमें छोड़कर कहां चला गया। गमगीन माहौल के बीच पोस्टमार्टम के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

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गांव सिक्का निवासी अधिवक्ता गुलजार अहमद की बुधवार रात को कैराना कचहरी से गांव लौटते समय रास्ते में सहारनपुर रोड पर हॉट मिक्स प्लांट के निकट बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वे अपने मुंशी सचिन के साथ बाइक से जा रहे थे। गुरुवार को उनके आवास पर ग्रामीणों, परिचितों और रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। दोपहर डेढ़ बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजन शव देखकर बिलख उठे। पिता इस्लामुद्दीन जवान बेटे का शव देखते ही रोते बिलखते हुए बार-बार यही कहते रहे कि मैं तो उजड़ गया, मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया...। पत्नी मन्नत भी रोते हुए बार-बार कह रही थी कि मैं तो बर्बाद हो गई। गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। 

दो मासूम बेटियों से छूटा पिता का साथ
गुलजार अहमद के दो मासूम बेटियां है। बड़ी बेटी दो साल की आबिदा और एक साल की आरिशा है। दोनों मासूम बहनों को नहीं पता कि उनके पिता का साया उनके ऊपर से उठ गया। परिजनों के अनुसार अधिवक्ता गुलजार जब कचहरी से घर लौटते थे तो आते ही दोनों बेटियों को गले लगाकर दुलार करते थे।

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रातभर चला दबिशों का दौर, तीन नामजद समेत छह हिरासत में 

गांव सिक्का निवासी अधिवक्ता गुलजार हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रातभर दबिशों का दौर चलता रहा। पुलिस ने नामजद तीन आरोपियों समेत छह लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ चल रही है। 

बुधवार रात अधिवक्ता गुलजार की हत्या में उनके छोटे भाई इस्तकार ने अपनी पत्नी मरियम उर्फ समर, साले उजैफा व हमजा निवासीगण बड़ौत और कांधला निवासी चमन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस्तकार ने पत्नी से पारिवारिक विवाद का मुकदमा चलने के कारण हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस की कई टीमों ने रातभर दबिशें दी। पुलिस ने तीन नामजद आरोपी समेत पांच-छह लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
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पुलिस ने गुलजार के मुंशी सचिन को साथ लेकर उस दुकान पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज देखी, जहां से अधिवक्ता ने जींस खरीदी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखकर इस बात की पड़ताल की कि कहीं उनके आसपास कोई अन्य संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं था। हालांकि जांच में कोई संदिग्ध नहीं पाया गया। पुलिस ने उस व्यक्ति से भी बात की, जिससे रात में घर जाने से पहले शामली में बातचीत की गई थी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि गुलजार की हत्या में नामजद आरोपियों के अलावा तो अन्य लोग इस कांड में शामिल तो नहीं रहे। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हत्याकांड में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

तीन दिन पहले पत्नी ने दी थी बर्बाद करने की धमकी
मृतक गुलजार के छोटे भाई इस्तकार ने बताया कि उसकी पत्नी ने तीन दिन पहले फोन पर धमकी दी थी कि वह उन्हें बर्बाद करके छोड़ेगी। इस तरह की बातें उसने पहले भी कही थी। इस बात को उन्होंने पहले की तरह हल्के में ले लिया था, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि उसने उसके भाई की हत्या करने की योजना बना रखी थी। इस्तकार का कहना है कि करीब एक माह पहले भी उसे साल सिक्का के निकट अन्य तीन लोगों के साथ देखा गया था। उस समय उसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने उस मामले में कार्रवाई नहीं की थी। इस्तकार का कहना है कि अगर पुलिस शिकायत को गंभीरता से लेती तो शायद उसके भाई की जान बच जाती।

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