दौराला। सर श्रीराम इंटर कॉलेज के मैदान में श्री रामलीला कमेटी ने रामलीला का आयोजन किया। इसमें सीता हरण और शबरी संवाद का मंचन किया गया। दर्शकों ने सीता हरण के दृश्य पर भावुकता दिखाई, वहीं शबरी की अटूट भक्ति ने मन मोह लिया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम के जयकारों से परिसर गूंज उठा।
मंचन रावण की बहन शूर्पणखा के अपमान से शुरू हुआ। इसके बाद रावण के मन में प्रतिशोध की भावना जाग उठी। उसने मारीच को स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी भेजा। माता सीता ने प्रभु श्रीराम से मृग लाने का आग्रह किया। श्रीराम मृग के पीछे वन में चले गए। मारीच की आवाज सुनकर लक्ष्मण भी कुटिया छोड़कर गए। रावण ने साधु का वेश धारण कर सीता का हरण कर लिया। सीता के विलाप और जटायु के रावण से युद्ध ने दर्शकों को भावुक किया।
इसके बाद शबरी संवाद का मंचन हुआ। कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के स्वागत में शबरी की प्रतीक्षा, प्रेम और समर्पण को जीवंत किया। शबरी की भक्ति देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। मंचन ने सच्ची श्रद्धा और निर्मल मन के महत्व का संदेश दिया। रामलीला कमेटी के संयोजक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य श्रीराम के जीवन प्रसंगों को जन-जन तक पहुंचाना है। इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी है।