दीपक हत्याकांड की जांच बागपत पुलिस को सौंपने के बाद एडीजी राजीव सभरवाल ने एसआईटी गठित कर दी है। टीम में एएसपी व सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी होंगे। जेल में बंद आरोपी फैमीद नट और आसिफ को बागपत पुलिस रिमांड पर ले सकती है। वहीं हत्या के खुलासे को लेकर ग्रामीण में आक्रोश बरकरार है।
परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक की 15 दिन पहले हत्या हुई थी। बगैर सिर के शव मिलने पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
सात दिन बाद दो आरोपी फैमीद और आसिफ ने गिरफ्तार कर पुलिस ने कटा सिर बरामद किया। पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट ग्रामीणों ने कटा हुआ सिर सड़क पर रखकर जाम लगाया। असली हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की।
मांग पूरी नहीं होने पर नौ अक्तूबर को महापंचायत का ऐलान किया। इससे पहले मंत्री दिनेश खटीक और पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी ने दीपक के पिता धीरेंद्र त्यागी की अपर प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मुलाकात कराई। इसके बाद महापंचायत टल गई।
किसान नेता मांगेराम त्यागी ने मुख्यमंत्री से पीड़ित पिता की मुलाकात न कराने पर पांच दिन बाद मेरठ में जाम लगाने की बात कह दी है। आईजी के निर्देश पर बागपत पुलिस ने जांच शुरू कर दी। एडीजी ने बागपत पुलिस की एसआईटी गठित कर दी। एएसपी मनीष मिश्रा टीम का नेतृत्व करेंगे।