मामाला मेरठ से सटे सरूरपुर थाना क्षेत्र का है। यहां कस्बा खिवाई की दो लड़कियों का रिश्ता दस माह पहले सरधना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवकों से हुआ था। सगाई में भी लड़की पक्ष ने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए जिसके बाद शादी की तारीख चार मार्च तय की गई।
चार मार्च को घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं कि लड़का पक्ष ने दहेज में छह लाख रुपये की मांग कर दी। लड़की पक्ष के मुताबिक वह तीन लाख रुपये देने के लिए भी राजी हो गए। जिसके बाद लड़की पक्ष ने बारात के लिए इंतजाम कर लिया। लेकिन सोमवार को लड़का पक्ष बारात लेकर नहीं पहुंचा।
दहेज में देने के लिए घर में रखा सामान
उधर दोनों बहने दुल्हन बनकर बैठी हुई थीं कि लड़का पक्ष ने दहेज की मांग पूरी न होने पर बारात लाने से मना कर दिया। मामले को लेकर कस्बे में पंचायत हुई। जिसमें लोगों ने लड़के पक्ष के खिलाफ कार्रवाई कराने पर सहमति बनी।
वहीं, लड़की पक्ष के लोगों ने आनन-फानन में अपने रिश्तेदारों से बेटियों की शादी कराने का जिक्र किया जिसके बाद दोनों लड़कियों की शादी थानाभवन व मुजफ्फरनगर क्षेत्र से दो लड़कों से कराई गई।
थाना प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि बारात नहीं आने पर रिश्तेदारी में संपर्क कर देर शाम दोनों युवतियों की शादी सम्पन्न कराई गई। इस पर यदि लड़की पक्ष मामले की तहरीर देगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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